एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट मामला: टैंकर चालक जिंदा जला

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जयपुर। जयपुर ग्रामीण जिले मौजमाबाद थाना इलाके जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे पर मंगलवार देर रात हुए एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट हादसे के बाद बुधवार सुबह तक हालात सामान्य नहीं हो पाए थे। बुधवार सुबह 9 बजे की स्थिति यह है कि गिदानी से सावरदा तक हाईवे पर करीब दो किलोमीटर तक का लंबा ट्रैफिक जाम रहा है। वहीं अजमेर से जयपुर की ओर दूदू से 5 किलोमीटर तक जाम लगा हुआ है।

वहीं पुलिस क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर ट्रैफिक सुचारू करने की कोशिश में लगी रही। वहीं फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंची और हादसे के साक्ष्य जुटाए। इधर बगरू विधायक कैलाश वर्मा ने कहा कि भगवान का आशीर्वाद रहा कि यहां कोई बड़ी घटना नहीं हुई। 1-2 लोग घायल हुए हैं जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने स्थिति पर काबू पा लिया।

जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि हादसे में टैंकर का ड्राइवर रामराज मीणा (35) जिंदा जल गया। जबकि कुछ लोग घायल हैं। झुलसी हुई हालत में चार लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया था। वहीं एक घायल सद्दाम को दूदू से भांकरोटा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एलपीजी ट्रक के पास खड़ी 5 गाड़ियां भी जल गईं। वहीं मौके पर पहुंचीं दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि टैंकर में भरे केमिकल ने आग नहीं पकड़ी थी। बुधवार सुबह जब इसे हटाया जा रहा था तभी इसमें से रिसाव शुरू हो गया।

बुधवार सुबह 20 किलोमीटर लंबा जाम था

यह जाम बुधवार सुबह 7 बजे महला से सावरदा तक करीब 20 किलोमीटर तक लगा हुआ था। इस हादसे के बाद प्रशासन ने रात भर कड़ी मशक्कत की और अधिकांश ट्रैफिक को नासनोदा से मौजमाबाद होते हुए डायवर्ट कर दिया। इसी वजह से 20 किलोमीटर का लंबा जाम अब सिमटकर महज 2 से 5 किलोमीटर का रह गया है। लेकिन यह 2 किलोमीटर का हिस्सा ही इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती भरा रहा।

छह घंटे बाद बहाल यातायात

जयपुर जिला कलेक्टर जितेन्द्र सोनी के निर्देश पर सुबह 4:30 बजे हाईवे दोनों ओर से यातायात के लिए खोल दिया गया। हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे के बाद हुआ था, जिसके बाद 6 घंटे तक मार्ग बंद रहा। हादसे के तुरंत बाद एसएमएस अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा गया। प्लास्टिक सर्जन सहित पूरा स्टाफ इमरजेंसी में तैनात रहा और आईसीयू बेड टेकओवर किए गए। हादसे में जले व्यक्ति का शव देर रात दो बजे प्लास्टिक बैग में मोर्चरी लाया गया।

सुबह तक जारी रहा बेंजीन टैंकर कूलिंग ऑपरेशन

हादसे के करीब 7 घंटे बाद तक केमिकल टैंकर का तापमान कम नहीं हुआ था। इसके चलते सुबह तक उस पर पानी का छिड़काव जारी रहा। आग पर काबू पाने के बाद जले हुए सिलेंडरों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया।

मौजमाबाद तहसीलदार सुरेंद्र विश्नोई ने बताया कि टैंकर में बेंजीन केमिकल भरा था,पेट्रो केमिकल के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। टैंकर गुजरात जा रहा था। यह एक रसायन है, जो रंगहीन, ज्वलनशील तरल है और कच्चे तेल और गैसोलीन का प्राकृतिक घटक है। इसका उपयोग विलायक के रूप में, विभिन्न रसायनों, जैसे दवाएं, प्लास्टिक और डिटर्जेंट के उत्पादन में एक प्रारंभिक पदार्थ के रूप में किया जाता है।

दो ट्रकों की टक्कर के बाद हुआ बड़ा हादसा

यहां पर केमिकल टैंकर और एलपीजी सिलेंडरों से भरा ट्रक टक्कर के बाद जलकर खाक हो गए थे। जहां एक तेज रफ्तार टैंकर ने हाईवे किनारे खड़े एलपीजी ट्रक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक में आग लग गई और एलपीजी सिलेंडरों में लगातार धमाके होने लगे। ये धमाके इतने ज़ोरदार थे कि दो सौ मीटर दूर तक सिलेंडर उछलकर गिरे।

तीन दर्जन से भी अधिक दमकल की गाड़ियां पहुंची थी

आग पर काबू पाने के लिए किशनगढ़ (अजमेर), सांभर (जयपुर), फुलेरा (जयपुर), जयपुर शहर और मुहाना (जयपुर) से तीन दर्जन से भी अधिक दमकल की गाड़ियां पहुंची थीं।

टैंकर को सुरक्षित तरीके से हटाए

अग्निशमन अधिकारी, एसडीआरएफ और आरएसी का जाब्ता भी मौके पर तैनात किया गया। साथ ही मेडिकल टीम भी मौके पर मौजूद रही। अब वहां हालात सामान्य हैं। केमिकल से भरे टैंकर को सुरक्षित तरीके से हटाया गया।

अस्पताल छावनी में तब्दील

हादसे में घायलों के इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं । हादसे की सूचना मिलते ही सवाई मानसिंह अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव हो गया। एसएमएस थाना पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने मोर्चा संभाला। अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गयां

इमरजेंसी में अतिरिक्त चिकित्सक लगाए गए

एसएमएस ट्रॉमा सेंटर के उप अधीक्षक डॉक्टर जगदीश मोदी ने बताया कि गैस सिलेंडर से भरे ट्रक और ट्रेलर की भिड़ंत के बाद भीषण आग लगने से जयपुर अजमेर हाईवे पर बड़ा हादसा होने की सूचना मिली थी। घायल मरीजों के इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहे। मरीजों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एसएमएस अस्पताल अधीक्षक ने इमरजेंसी में अतिरिक्त चिकित्सक लगाए हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ भी लगाया गया है।

वहीं एसएमएस अस्पताल की रात्रिकालीन प्रभारी डॉक्टर अरविंद पालावत, अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा, हेमंत तिवाडी समेत सभी डॉक्टर अस्पताल में मौजूद हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक सर्जिंग यूनिट हेड को भी निर्देशित किया गया है कि वह अपने प्लास्टिक सर्जन वार्ड के बेड खाली करके मरीजों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करें। ताकि आने वाले मरीजों का इलाज तुरंत प्रभाव से हो सके। इसके अतिरिक्त संबंधित दवाइयों की भी व्यवस्थाएं की गई हैं। मरीजों के लिए आईसीयू में भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

गौरतलब है कि जयपुर-अजमेर हाईवे पर भांकरोटा के पास दिसंबर 2024 में एलपीजी गैस से भरे टैंकर में ब्लास्ट होने के बाद लगी भीषण आग से 20 लोगों की मौत हो गई थी। यू टर्न लेते समय एक ट्रक ने टैंकर को टक्कर मार दी थी। नोजल टूटने से गैस लीक होने के कारण उस समय तेज धमाके के साथ आग लग गई थी।

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