जयपुर। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष में दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में शुक्रवार से विश्व प्रसिद्ध आठ दिवसीय लक्खी मेले का शुभारंभ हुआ। यह मेला 3 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भाग लेंगे।
दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल एवं मंत्री उमरावमल संघी ने बताया कि मेले का शुभारंभ प्रबंधक नेमी कुमार पाटनी द्वारा मुख्य द्वार पर ध्वजारोहण के साथ किया गया। 28 व 29 मार्च को पूजन, भजन, सामूहिक आरती एवं शास्त्र प्रवचन आयोजित होंगे।
30 मार्च को महावीर जयंती पर प्रभाफेरी, जल यात्रा और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर स्कूलों में मोदक वितरण, अस्पतालों में मरीजों तथा हिण्डौन जेल में कैदियों को फल वितरित किए जाएंगे। साथ ही दिव्यांगों को ट्राई साइकिल, कृत्रिम पैर, बैसाखी, कैलीपर्स एवं महिलाओं को सिलाई मशीनें प्रदान की जाएंगी।
2 अप्रैल को प्रातः चौबीसी परिसर में अभिषेक के बाद दोपहर 2 बजे मंदिर प्रांगण से विशाल रथयात्रा निकलेगी, जो नदी तट तक जाएगी, जहां कलशाभिषेक होगा। इस रथयात्रा में विभिन्न समाजों के लोग भाग लेकर साम्प्रदायिक सौहार्द का संदेश देंगे।
मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति संध्या, राजस्थानी लोक नृत्य-गीत, कवि सम्मेलन एवं महानाट्य प्रस्तुति का आयोजन भी किया जाएगा। 3 अप्रैल को ग्रामीण खेलकूद व कुश्ती-दंगल के साथ मेले का समापन होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न क्षेत्रों से नि:शुल्क बस सेवा की व्यवस्था की गई है। मेले के सफल आयोजन हेतु 16 समितियों का गठन कर अलग-अलग व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह मेला धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है।




















