जयपुर/सीकर। मणिपाल अस्पताल में जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अब और भी आधुनिक हो रही है। विश्वस्तरीय रोबोटिक तकनीक के आने से अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में मरीजों को इलाज का बेहतर, सुरक्षित और ज्यादा सटीक लाभ मिल सकेगा। जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के हेड एवं रोबोटिक सर्जरी एक्सपर्ट डॉ बीआर बगड़िया ने बताया कि ये हमने जो “कोरी रोबोटिक सिस्टम” लांच किया है ये दुनिया में टॉप यूएसए एफडीए अप्रूव्ड एवं सबसे ज़्यादा विकसित और कारगर है। जिसके पक्ष में सबसे ज्यादा स्टडी डेटा और रिसर्च है।
डॉ. बीआर बगरिया कंसल्टेंट–ऑर्थोपेडिक्स (जॉइंट रिप्लेसमेंट और आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी) ने बताया की रोबोटिक जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी के सीधे फायदे लोगो को मिलेंगे, जिनको दो तरीके से देखे जा सकते है प्रारंभिक समय में देखे तो सर्जरी के दौरान मांसपेशियां कम कटेगी,बोन में छेद नहीं होगा ,ब्लड लॉस नहीं होगा, प्रोस्थेसिस बहुत सटीक लगेगा, आर्टिफिशियल जोड़ की चाल पूर्णतया बैलेंस रहेगी तो सर्जरी के बाद रिकवरी फ़ास्ट होगी, दर्द कम होगा, मरीज बहुत ख़ुश रहेगा।
आगे के अनुसार देखे तो ज़्यादा सटीक और बैलेंस जोड़ में वियर एवं टियर कम होगा तो जोड़ की लाइफ ज़्यादा होगी और रिवीजन रेट कम होगी मतलब जोड़ ज़्यादा समय तक चलेगा ।
ये रोबोटिक सिस्टम सबसे ज़्यादा पेशेंट एवं डॉक्टर फ्रेंडली है इसका मतलब ये है की सर्जरी को बहुत फ़ास्ट और बेहतरीन सटीकता के साथ करता है । जिसका सीधा फायदा मरीज को होता है।




















