जयपुर। रंगों के पर्व होली पर हुड़दंग और लापरवाही ने कई परिवारों की खुशियों में खलल डाल दिया। शहर में विभिन्न हादसों में 100 से अधिक लोग चोटिल हो गए। बीते 24 घंटे में एसएमएस अस्पताल जयपुर में मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में कुल 329 मरीज पहुंचे। जिनमें से 17 मरीज ऐसे थे जो होली खेलने के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए। इनमें से 6 को भर्ती किया गया, जबकि शेष को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मुख्य इमरजेंसी में इस दौरान 633 मरीज पहुंचे, जिनमें से 153 को भर्ती करना पड़ा। होली खेलने के बाद आंख (स्क्रीन), ईएनटी और नशे से संबंधित परेशानी लेकर 5 मरीज भी अस्पताल पहुंचे।
धुलंडी के दिन भी ट्रोमा सेंटर में 9 मरीज आए, जिनमें से एक को भर्ती किया गया। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश मामलों में बाइक फिसलने, सड़क हादसे, झगड़े और नशे की हालत में गिरने से चोटें आईं।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी और ट्रोमा प्रभारी डॉ. राजेन्द्र मांडिया ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखी। अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती कर उपचार व्यवस्था सुचारू रखी गई।
चिकित्सकों ने अपील की है कि त्योहारों के दौरान सावधानी बरतें, नशे में वाहन न चलाएं और सुरक्षित तरीके से उत्सव मनाएं, ताकि खुशियों का पर्व किसी के लिए हादसे में न बदल जाए।



















