लालच और लापरवाही के कारण होते हैं अधिकतर साइबर क्राइम

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जयपुर। हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय (एचजेयू) में शुक्रवार को ‘कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम: प्रावधान और न्याय’ और ‘साइबर सुरक्षा: उपाय एवं निदान’ विषयों पर विशेष व्‍याख्‍यान आयोजित किए गए। कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि वरिष्‍ठ पत्रकार एवं विधायक गोपाल शर्मा रहे। अध्‍यक्षता कुलपति प्रो. सुधि राजीव ने की।

कार्यस्‍थल पर यौन उत्‍पीड़न की रोकथाम से संबंधित कानूनों पर विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए विशेष व्‍याख्‍यान हाईकोर्ट की एडवोकेट ममता नायर ने दिया, जबकि साइबर सुरक्षा पर राजस्‍थान पुलिस की वरिष्‍ठ आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी गौतम ने साइबर सुरक्षा पर जानकारी दी।

अपने संबोधन में गोपाल शर्मा ने पत्रकारिता में अपने निजी अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए कहा कि पत्रकारिता मानवता को जिंदा रखने का एक पेशा है, जो कि मिशन के रूप में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाप को हराना ही पत्रकारिता का लक्ष्य है, जिसके लिए ईमानदार और परिश्रमी होने की जरूरत है।

साइबर सुरक्षा पर बोलते हुए पुलिस उपायुक्त तेजस्विनी गौतम ने कहा कि लालच और लापरवाही के चलते ही ज्‍यादातर लोग साइबर क्राइम का शिकार होते हैं। उन्‍होंने बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में 1930 नंबर पर सहायता प्राप्त की जा सकती है। गौतम ने कुछ आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 95% साइबर अपराध मानवीय चूक से होते हैं और शिकार होने वालों में लगभग 33% स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी होते हैं।

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के बारे में बोलते हुए एडवोकेट ममता नायर ने पॉश और उससे जुड़े अन्‍य कानूनों के बारे में जानकारी साझा की। दोनों ही वक्‍ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कार्यस्‍थल पर यौन उत्‍पीड़न हो या साइबर अपराध दोनों ही मामलों में जागरूकता के लिए मीडिया की अहम भूमिका है।

इस अवसर पर विश्‍वविद्यालय के बीए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी नितेश कुमार शर्मा को भी सम्‍मानित किया गया। नितेश शर्मा को उनके उल्‍लेखनीय कार्यों के लिए हाल ही में युवा दिवस के अवसर पर मुख्‍यमंत्री भजन लाल शर्मा ने ‘यूथ आइकॉन अवॉर्ड’ से सम्‍मानित किया था।

इससे पहले कुलपति प्रो. सुधि राजीव ने सभी अतिथियों का पौधे भेंटकर स्वागत किया। अपने अध्‍यक्षीय उद्बोधन में प्रो. सुधि राजीव ने विश्‍वविद्यालय में शिक्षण और शोध से जुड़े नवाचारों से अवगत कराया। इस दौरान डॉ. शालिनी जोशी और डॉ. रतन सिंह शेखावत ने विषय प्रवर्तन किया, जबकि मंच संचालन शोधार्थी इरम तस्‍लीम ने किया। विश्‍वविद्यालय के कुलसचिव श्री भंवर लाल मेहरड़ा ने सभी वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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