जयपुर। जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाते हुए उन्हें “नीति की लाभार्थी” से “नीति की निर्माता” बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 में पारित इस संवैधानिक संशोधन के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा।
मंजू शर्मा ने कहा कि महिला नेतृत्व से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और स्वच्छता जैसे विषयों को प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं—बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना—का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि सुकन्या योजना में 4.6 करोड़ खाते, उज्ज्वला में 10 करोड़ गैस कनेक्शन, जल जीवन मिशन के तहत 14.45 करोड़ घरों में जल कनेक्शन दिए गए हैं। साथ ही मुद्रा योजना में 68 प्रतिशत ऋण महिलाओं को मिले हैं और पंचायतों में करीब 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व है।
उन्होंने कहा कि अधिनियम से महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा तथा यह विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।




















