गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी में लगेगी नवग्रह-नक्षत्र वाटिका:शुद्ध प्राण वायु के साथ मिलेगा औषधीय गुणों का लाभ

जयपुर। ब्रह्मपुरी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में  नवग्रह और नक्षत्र वाटिका लगाई जाएगी। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वाटिका के लिए निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।

इसी माह में नौ नक्षत्र, 12 राशियों और 27 नक्षत्रों के पौधे लगा दिए जाएंगे। शक्तिपीठ में यज्ञ और संस्कार के लिए आने वाले श्रद्धालु सुबह-शाम वाटिका में भ्रमण कर सकेंगे। वाटिका में लगाए जाने वाले सभी पौधे औषधीय महत्व के होंगे। लोग मोबाइल से क्यू आर कोड के स्केन कर संबंधित पौधे का महत्व जान सकेंगे। पौधों से संबंधित पुस्तकें भी उपलब्ध रहेंगी।

नक्षत्र वाटिका के निर्माण से जुड़े मणिशंकर चौधरी ने बताया कि वाटिका में एक्यूप्रेशर पाथ वे भी बनाया गया है। लोग इस पर चल कर शरीर के मर्म केन्द्रों को जाग्रत कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि राशि, नक्षत्र और ग्रह से संबंधित पौधे लगाने और उनकी परिक्रमा करने से जातक को लाभ ही होता है। कुंडली में कोई खराब ग्रह अगर किसी काम में बाधक बन रहा है तो वह बाधा दूर हो जाती है। ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह, राशि और नक्षत्र के वृक्ष है। इन्हें लगाने से फायदा होता है। राशि के अनुसार पौधे लगाने से न केवल वह ग्रह शांत होता है बल्कि जैसे-जैसे पौधा बढ़ता है, व्यक्ति को उतना ही अधिक लाभ मिलता है। राशि के नक्षत्र के अनुसार पौधे लगाने से अशुभ ग्रहों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है तथा सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होने के साथ मानव कल्याण का पूर्ण फल भी प्राप्त होता है। पौधों और व्यक्ति की राशि के बीच गहरा संबंध होता है।

अपनी राशि के अनुसार पौधे रोपने से व्यक्ति की समस्याओं का निदान हो जाता है। अगर आप पौधारोपण नहीं कर सकते तो कम से कम उन्हें संरक्षित करने का संकल्प ले ही सकते हैं। तुलसी और पीपल की पूजा करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है। पीपल के पेड़ की 21 इस बार परिक्रमा करनी चाहिए।

नक्षत्र और पौधे
अश्विनी-कोचिला,भरनी-आंवला, कृतिका- गुलर, रोहिणी- जामुन, मृगशिरा- खेर, आद्रा- शीशम, पुनर्वसु- बांस, पुष्य- पीपल, आश्लेषा- नागकेसर, मेघा- बट, पूर्वा फाल्गुन-पलाश, उत्तरा फाल्गुन- पाकड़, हस्त-रीठा, चित्रा-बेल, स्वाति- अर्जुन,विशाखा-कटैया,अनुराधा- भालसारी, ज्येष्ठा-चीर, मूला-शाल, पूर्वाषाढ़ा- अशोक, उत्तराषाढा़-कटहल, श्रवण- अकौन, धनिष्ठा- शमी, शतभिषा- कदंब, पूर्वाभाद्रपद- आम, उत्तरभाद्रपद- नीम और रेवती के अनुसार महुआ।

राशि के अनुसार ये पौधे रोपेंगे
मेष- आंवला, वृष- जामुन, मिथुन- शीशम, कर्क- नागकेश्वर, पीपल एवं नागचंपा, सिंह- वटवृक्ष, अशोक एवं पलाश, कन्या- जूही एवं बिल्ब पत्र, तुला- अर्जुन एवं नागकेसर, वृश्चिक- भालसरी एवं नीम, धनु- वट वृक्ष, मकर- नारियल, कुंभ- आम एवं कदम, मीन- बेर, नीम एवं मेहंदी का पौधा रोपा जाएगा।

ग्रह अनुसार ये पौधे लगाएंगे
सूर्य अनुसार आंकड़ा, चंद्रमा- पलाश, मंगल- खेर, बुध- अपामार्ग, गुरु- पीपल, शुक्र- गुलड, शनि- शमी, राहु- दुर्वा और केतु अनुसार कुश का पौधा रोपा जाएगा।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

25,000FansLike
15,000FollowersFollow
100,000SubscribersSubscribe

Amazon shopping

- Advertisement -

Latest Articles