जयपुर। गुलाबी नगरी में बढ़ते स्पा और मसाज सेंटरों की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने सख्त कदम उठाया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) योगेश दाधीच ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत नए आदेश जारी किए हैं । यह आदेश 26 जनवरी 2026 से प्रभावी होकर 26 मार्च 2026 तक लागू रहेंगे ।
पारदर्शिता के लिए ‘बंद दरवाजों’ पर पाबंदी
नए नियमों के मुताबिक, अब स्पा सेंटर में सेवाएं बंद दरवाजों के पीछे नहीं दी जा सकेंगी । कक्षों के दरवाजों में कुंडी या बोल्ट लगाना वर्जित होगा और केवल स्वतः खुलने या बंद होने वाले दरवाजों का ही प्रावधान रखना होगा । इसके साथ ही, महिला और पुरुष स्पा सेंटरों के लिए अलग-अलग खण्ड और अलग प्रवेश द्वार होना अनिवार्य कर दिया गया है ।
बिना पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होगा चयन
स्पा संचालकों के लिए अब कर्मचारियों का चयन करना आसान नहीं होगा। आदेश के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) अनिवार्य है । किसी भी ऐसे व्यक्ति को रोजगार नहीं दिया जाएगा, जिस पर अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम या पॉक्सो (पॉक्सो ) एक्ट के तहत कोई मामला दर्ज हो । सभी कर्मचारियों की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और उनके पास मान्यता प्राप्त संस्थान से व्यावसायिक डिप्लोमा होना आवश्यक है ।
ग्राहकों के लिए हेल्पलाइन और आईडी जरूरी
स्पा आने वाले प्रत्येक ग्राहक को अपना पहचान पत्र देना होगा और संचालक को उनका मोबाइल नंबर व आईडी रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा । रिसेप्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में डिस्प्ले बोर्ड लगाना होगा, जिस पर हेल्पलाइन नंबर 112 और 181 स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए ।
अवहेलना पर होगी जेल
पुलिस ने साफ किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले संचालकों और प्रबंधकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी । जयपुर के सभी थाना अधिकारियों को इन नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।




















