जयपुर। स्थाई आवास के बिना खानाबदोश जीवन जी रहे घुमंतु, अर्ध घुमंतु एवं विमुक्त समाज के नागरिक अपने पंच पटेलों के साथ भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के नेतृत्व में रविवार को जयपुर में आयोजित हो रहे महापड़ाव में शिरकत करेंगे।
भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने इतिहास में पहली बार घुमंतु ,अर्ध घुमंतु एवं विमुक्त समाज को अलग से आदेश देकर उन्हें स्थाई आवास एवं विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे सभी घुमंतु अर्ध घुमंतु एवं विमुक्त समाज के आवास विहीन एवं भूमि विहीन नागरिकों को यथा स्थान पर पट्टे देने का आदेश दे चुके हैं और चारागाह में भी शीघ्र पट्टे देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
इसके बावजूद राजस्थान में कंई जिलों में घुमंतू समाज को तिरस्कार की भावना से दो-चार होना पड़ रहा हैं। और इसका कारण वह अधिकारी हैं जो घुमंतू समाज को आज भी इंसान नहीं समझ रहे हैं। भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के सभी पदाधिकारीयों ने कहा कि आज हो रहे महापडाव में प्रदेश भर के वे नागरिक अपने-अपने पंच पटेलों के साथ शामिल हो रहे हैं। जिन्हें सरकारी आदेश के बावजूद निचले स्तर पर सरपंच ,पंच, पटवारी एवं तहसीलदारों की आक्रमण्यता के कारण पट्टे प्राप्त करने में दिक्कत आ रही हैं।

अनीष कुमार नाडार ने कहा कि ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,अभियान को भाजपा शासित प्रदेशों में लागू करने में अहम भूमिका निभा रहे अमित शाह एवं घुमंतू प्रकल्प के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गादास ,मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर को उपलब्ध करवाई जाएगी एवं सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
घुमंतू समाज के प्रदेश के प्रसिद्ध समाजसेवी विशन बावरी ने बताया कि सभी नागरिकों के आधार कार्ड एवं संबंधित दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं । जिस पर हर रविवार को मंथन कर संबंधित अधिकारियों को पट्टे देने के लिए संपर्क कर सिफारिश किया जाएगा।
ज्ञातव्य रहे की जयपुर के जगतपुरा स्थित गोनेर रोड सपेरों की ढाणी में महापड़ाव स्थल पर पिछले 15 दिनों से भूख हडताल चल रही हैं । इसी दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण ने लिखित रूप से कहा है कि जिस भूमि को भूमाफिया द्वारा अपना बताया जा रहा है। वह वास्तव में नगर निगम के अधीन हैं । इसके बाद आंदोलनकारी नेताओं ने जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त आनंदी का पुतला हटाकर नगर निगम ग्रेटर आयुक्त रुक्मणी रियाड का पुतला धरना स्थल पर लगा दिया है ।
अब उनकी मांग है कि जयपुर विकास प्राधिकरण धरना स्थल पर आकर अपनी बात लिखित में देकर गया हैं ।उसी प्रकार नगर निगम ग्रेटर भी आकर इन घुमंतू समाज की मदद करें। हम उनके दफ्तर में चक्कर नहीं काटने वाले अब वह दिन लद गए हैं। जब हम दफ्तरों के चक्कर लगाते थे और कुछ होता नहीं था अब समाज जाग गया है। अब नौकरशाहों को समाज के दर पर ही आना होगा क्योंकि यही प्रजातंत्र की नीति है।




















