जयपुर। आस्था के पावन केंद्र श्री अमरापुर स्थान में बुधवार 31 दिसंबर पुत्रदा एकादशी के पावन पर्व पर प्रातः 6 बजे “जितेंद दाधीच” एवं श्री अमरापुर स्थान विद्यार्थियों के सानिध्य में हवन यज्ञ किया गया। शाम को संत मोनूराम महाराज, संत गुरुदास , संत नवीन, अविनाश सहित आदि ने एकादशी पर्व पर भजन, हरिनाम संकीर्तन किया।संकीर्तन में सभी श्रद्धालु मंत्र मुग्ध नजर आए।
जिसके तत्पश्चात आरती कर भक्तों को खीर प्रसादी वितरण की गई। श्री अमरापुर दरबार के लाडले लडडू गोपाल जी का विशेष श्रृंगार किया गया। संतो ने स्वामी टेऊँराम जी महाराज द्वारा रचित आध्यात्मिक वाणी के भजन, पद का गायन किया। संतो ने कहा:- आचार्य श्री 1008 सदगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की आध्यात्मिक वाणी (दोहे पद, छंद, भजन, कवित आदि) को शीघ्र ही हिन्दी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए ! उनकी वाणी मीरा, सूरदास, रसखान, कबीर, गुरुनानक, दादू दयाल, मलूक दास, आदि संत महात्माओं एवं कवियों के सदृश ही हैं।
इसके लिए शिक्षा विभाग अधिकारियों, मंत्रियों से अनेक बार चर्चा की गई है। श्री अमरापुर स्थान में नववर्ष को प्रात अल सुबह से भक्तों का तांता लगेगा। भक्तों की आने वाली भीड़ को देखते हुए सेवादारों ने ठाकुरजी के दर्शनों के लिए विशेष व्यवस्था की है। जिसमें दो पक्तियों में भक्त ठाकुरजी के दर्शन करेंगे। इस पक्ति में महिला व पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगाई जाएगी, साथ ही मंदिर परिसर के बाहर प्रतिदिन की तरह प्रसाद वितरण किया जाएगा।



















