
जयपुर। जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चन्द्र प्रभू एवं 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का जन्म व तप कल्याणक दिवस सोमवार को भक्ति भाव से मनाया गया। इस मौके पर राजधानी के दिगम्बर जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन किए गए।
राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ का 2902 वां जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर प्रातः दोनों तीर्थंकरो के अभिषेक के बाद विश्व में सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हुए शांतिधारा की गई। जिसके तत्पश्चात श्री जी की पूजा अर्चना की गई। पूजा के दौरान मंत्रोच्चार के साथ भगवान चन्द्रप्रभू का जन्म कल्याणक श्लोक बोलकर जन्म कल्याणक अर्घ्य चढाया गया।
इसी तरह से भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक श्लोक बोलकर जन्म कल्याणक अर्घ्य चढाया गया ।इसी प्रकार दोनों तीर्थंकरो के तप कल्याणक अर्घ्य चढाए गए । भजनों पर झूमते हुए शामिल हुए श्रद्धालुओं ने नाचते गाते पंचपरमेष्ठी, भगवान चन्द्रप्रभू एवं भगवान पार्श्वनाथ की महाआरती की।
यहां भी हुए विशेष आयोजन
आमेर के नटाटा स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में उपाध्यक्ष अजय गोधा के नेतृत्व में भगवान पार्श्वनाथ जयन्ती मनाई गई जिसमें मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक के बाद विश्व में सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हुए मंत्रोच्चार के साथ भगवान की शांतिधारा की । जिसके तत्पश्चात् अष्ट द्रव्य से पार्श्वनाथ पूजा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने नाचते गाते पंचपरमेष्ठी एवं भगवान पार्श्वनाथ की महाआरती की।
विनोद जैन ने बताया कि एस एफ एस दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य सुन्दर सागर महाराज एवं आचार्य शशांक सागर मुनिराज ससंघ के सानिध्य में, पदमपुरा के दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र में श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज, प्रतापनगर के सैक्टर 8 स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में सागर मुनिराज के सानिध्य में विशेष आयोजन किए गए।
दुर्गापुरा के श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ के सानिध्य में भगवान चन्द्रप्रभू का संगीतमय पूजा विधान किया गया। श्योपुर के श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर में आर्यिका विष्णु प्रभा माताजी ससंघ के सानिध्य में चन्द्र प्रभू जयन्ती मनाई गई। खोह नागोरियान स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र शांतिनाथ जी की खोह में भगवान पार्श्वनाथ का 2902 वां जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया।
श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर शांतिनगर में 1008 कलशों से मूलनायक भगवान चन्द्रप्रभू के महामस्तकाभिषेक किए गए। सांगानेर के श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर संघीजी, गलता रोड पर अतिशय क्षेत्र जग्गा की बावडी,आगरा रोड स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चूलगिरी, सूर्य नगर तारों की कूंट पर श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, बैनाड़ स्थित श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चन्द्रगिरी, मोती सिंह भोमियो का रास्ता स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर चौबीस महाराज, दिगम्बर जैन मंदिर जीऊबाईजी,महारानी फार्म स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सहित कई मंदिरों में भगवान पार्श्वनाथ एवं भगवान चन्द्र प्रभू के जन्म व तप कल्याणक दिवस पर पूजा अर्चना के विशेष आयोजन किए गए ।



















