जयपुर। आरआईसी जयपुर में आयोजित पिंक टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय संस्कृति, कला और साहित्य का जीवंत उत्सव देखने को मिला। दिनभर चले सत्रों में विचार-विमर्श, पुस्तक विमोचन, योग–नृत्य प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक चर्चाओं ने दर्शकों को आकर्षित किया।
जयपुर की अनकही कहानी जैसे सत्रों में राजधानी से जुड़ी कहानियों पर चर्चा हुई, वहीं सरकारी व्यवस्था पर व्यंग्यात्मक पुस्तक चरण पुराण सहित कई पुस्तकों का विमोचन किया गया। योग और नृत्य पर आधारित सत्रों में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन पर जोर दिया गया।
भारत के हमेशा रहने वाले विचार’ विषय पर आयोजित पैनल में पद्मश्री प्रो. भारत गुप्त, गौरी शंकर गुप्ता और आदित्य पटवर्धन ने भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक निरंतरता पर प्रकाश डाला। मंदिरों की टैक्सोनॉमी, डिवोशनल एस्थेटिक्स और कल्चरल नेशनलिज्म जैसे विषयों पर भी गहन चर्चाएं हुईं।
कार्यक्रम में कपिल राज, प्रियंका शर्मा कैंतुरा, नीतीश भूषण, गीतमाला जलोटा और नेहा कौल सहित कई साहित्यकार एक मंच पर नजर आए। ‘धुरंधर का धमाल’ सत्र में सिनेमा और भारतीय कहानी कहने की परंपरा पर चर्चा हुई। पिंक टेस्ट का तीसरा दिन कला, विचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति का यादगार मंच बनकर उभरा।




















