जयपुर। विजयादशमी पर छोटीकाशी में विभिन्न स्थानों पर शस्त्र पूजन के आयोजन हुए। सिटी पैलेस में पूर्व राजपरिवार के सदस्यों ने शस्त्र पूजन किया। राजपूत सभा भवन में समाज के लोगों ने मंत्रोच्चार के साथ शस्त्र पूजन किया। चांदपोल स्थित श्री रामचंद्र जी मंदिर में विजय दशमी (दशहरा पर्व) पर परंपरागत शस्त्र पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महंत नरेंद्र तिवाड़ी ने धनुष, बाण, तलवार, खड्ग, कटार, नख, भाला, गदा, बंदूक, फरसा सहित विभिन्न शस्त्रों का पूजन किया गया। 10 किलो चांदी से बना धनुष आकर्षण का केन्द्र रहा। ठाकुर जी के राजसी दरबार का श्रृंगार किया गया।
पूजन के अवसर पर मंदिर में रजवाड़ी पोशाक में श्री ठाकुर जी का राजसी दरबार सजाया गया। शस्त्रों में 1882 में माजी साहब गुलाब कंवर द्वारा भेंट किया गया 10 किलो का धनुष, लगभग 8 किलो वजनी दो धारी खड्ग, नरेश माधो सिंह द्वारा भेंट की गई 5 किलो वजनी चांदी की तलवार, तथा राजा भवानी सिंह द्वारा भेंट की गई सूर्य चिन्ह अंकित काठ की बंदूक प्रमुख रूप से प्रदर्शित की गई।
इसके अलावा 10 फीट के भाले, सिंहमुख गदा, चांदी मंडित लठ सहित अन्य शस्त्रों का भी पूजन किया गया। वर्षभर ये शस्त्र शस्त्रागार में सुरक्षित रहते हैं और केवल विजयादशमी पर ही ठाकुर जी के दरबार में सजाए जाते हैं। कार्यक्रम के समापन पर हवाई आतिशबाजी हुई। मंदिर भक्त समाज ने बधाई उत्सव मनाया। वातावरण जयकारों और श्रद्धा भाव से गूंज उठा।




















