जयपुर। प्रतापगढ़ जिले की अरनोद थाना पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत ड्रग्स तस्करों के एक शातिर मंसूबे को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 115 ग्राम ब्राउन शुगर और इसमें मिलाने वाला 116 ग्राम घातक केमिकल पाउडर बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है।
एसपी बी आदित्य ने बताया कि तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्करी का बेहद अजीबोगरीब तरीका अपनाया था। अभियुक्त संजर खान ने अपने घर पर प्लास्टिक की चप्पलों को काटकर उनके भीतर ब्राउन शुगर और केमिकल पाउडर के पैकेट छिपाए और फिर उन्हें फेविक्विक से वापस चिपका दिया। आरोपी गजराज इन नशीली चप्पलों को पहनकर बाइक पर पीछे बैठकर रतलाम जाने की फिराक में था।
एसपी आदित्य के निर्देशन में नौगांवा चौकी के सामने पुलिस टीम नाकाबंदी कर रही थी। तभी एक बाइक पर सवार दो संदिग्धों ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। थानाधिकारी शिवलाल मीणा और उनकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान जब गजराज की चप्पलें काटी गईं, तो पुलिस भी दंग रह गई। एक चप्पल से ब्राउन शुगर और दूसरी से मिलावट वाला केमिकल पाउडर बरामद हुआ।
3000 रुपये की मजदूरी और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजर खान उर्फ संजू (30) निवासी देवल्दी ने गजराज दर्जी (45) निवासी पडूनि थाना अरनोद को ड्रग्स रतलाम पहुंचाने के लिए 3000 रुपये की मजदूरी तय की थी, जिसमें से 800 रुपये एडवांस दिए गए थे।
आरोपी संजर खान उर्फ संजू के खिलाफ पूर्व में भी जावरा और पिपलोदा में एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं जबकि गजराज दर्जी मजदूरी के लालच में इस तस्करी का हिस्सा बना। आरोपी संजर खान गजराज को बस में बैठाने के लिए बाइक से छोड़ने निकला था।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी शिवलाल मीणा, एएसआई रामावतार, हैड कांस्टेबल दिनेश दास, कांस्टेबल दिनेश कुमार, अशोक कुमार, मुकेश, देशराज, जयपाल सिंह, जीवन लाल, गोविन्द और चालक लक्ष्मण सिंह शामिल रहे। पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है।


















