देवस्थान विभाग के 544 मंदिरों में होगा पंचपर्वा दीपावली महोत्सव

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जयपुर। राजस्थान के देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित और नियंत्रित समस्त राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार एवं राजकीय आत्मनिर्भर श्रेणी एवं प्रन्यास प्रबंधित मंदिरों में इस बार दीपावली के अवसर पर पंचपर्वा दीपावली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है! इसके तहत देवस्थान विभाग के अधीन 544 राजकीय मंदिरों में रंगोली निर्माण, प्रकाश एवं लाइटिंग व्यवस्था, दीपोत्सव, महाआरती और भक्ति संध्या, महाभोग एवं प्रसाद वितरण मिटटी के गणेश का पूजन होगा।

पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने इस पंचपर्वा दीपावली का शुभारंभ रविवार को जयपुर के चांदनी चौक स्थित श्री ब्रज निधि जी मंदिर में पूजा-अर्चना करे किया। इस दौरान उन्होंने आसपास के देवस्थान विभाग के मंदिरों की साज-सज्जा का अवलोकन किया! उन्होंने मंदिरों में माकूल व्यवस्थाएं करने के लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया; उन्होंने बताया कि मंदिरों की विशेष सजावट व अन्य धार्मिक कार्यों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर कुल 8 करोड 10 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।

इसके तहत विभाग के 544 मंदिरों में 24 अक्टूबर तक विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। मंत्री कुमावत ने बताया कि इस बार देवस्थान विभाग के मंदिरों में धनतेरस, छोटी दीपावली, दीपावली, गौवर्धन पूजा व भाई दूज के कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसके तहत सभी मंदिर परिसरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर पुष्प मालाओं से सजावट की गई है।

इसके अलावा स्थानीय कलाकारों एवं श्रद्वालुओं की सहभागिता से मंदिरों में आकर्षक रंगोलियां बनाई गई हैं, जो पारंपरिक और सांस्कतिक सौंदर्य का प्रतीक हैं! इसके साथ ही दीपों एवं विद्युत लाइटिंग से मंदिरों को आलोकित कर संपूर्ण वातावरण दीपोत्सवमय बनाया गया है।

मंत्री कुमावत ने बताया कि दीपावली की रात्रि को सभी मंदिरों में विशेष महाआरती का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे एक दीप सबके लिए का संदेश प्रसारित होगा। इस दौरान मंदिरों में भक्ति संगीत, कीर्तन और सांस्कतिक गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इसके अलावा देव प्रतिमा को विशेष महाभोग अर्पित किया जाएगा, तत्पश्चात श्रद्वालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा। इस बार पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ इस बार मिटटी से निर्मित गणेश एवं लक्ष्मी की प्रतिमाओं का पूजन किया जाएगा।

डिविजन वाइज मंदिरों की संख्या

देवस्थान विभाग के जयपुर प्रथम डिवीजन में 37, जयपुर द्वितीय में 17, अजमेर में 21, उदयपुर में 98, बीकानेर में 100, हनुमानगढ में 21, कोटा में 53, भरतपुर के 57, जोधपुर के 20, ऋषभदेव के 100 तथा वृंदावन डिविजन के 20 मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।

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