जयपुर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में बड़ा खुलासा किया है। एसओजी ने इस मामले में धोखाधड़ी कर पटवारी बने मूल अभ्यर्थी और उसके स्थान पर परीक्षा देने वाले डमी कैंडिडेट (फर्जी अभ्यर्थी) दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
दूसरे से परीक्षा दिलाकर हासिल की थी नौकरी
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2021 की पटवार भर्ती परीक्षा में गीतेश जादौन निवासी खैरिया पुरोहित डीग ने खुद परीक्षा न देकर नीरज कुमार निवासी बहज डीग को डमी कैंडिडेट के रूप में बैठाया था। नीरज द्वारा परीक्षा पास करने के बाद गीतेश ने फर्जी तरीके से पटवार के पद पर चयन प्राप्त कर लिया और सरकारी सेवा में कार्यरत हो गया।
अक्टूबर 2024 में दर्ज हुआ था मामला
इस धोखाधड़ी के संबंध में एसओजी में 21 अक्टूबर 2024 को राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच अधिकारी निरीक्षक सीमा पठान ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी नीरज कुमार और मूल अभ्यर्थी गीतेश जादौन को को गिरफ्तार किया।
9 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर
एसओजी ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें 9 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डमी कैंडिडेट नीरज कुमार ने इसके अलावा और किन-किन परीक्षाओं में दूसरों की जगह डमी के रूप में हिस्सा लिया है। साथ ही, इस गिरोह में शामिल अन्य कड़ियों की भी तलाश की जा रही है।




















