जयपुर। सियारामदास बाबा की बगीची और तपस्या स्थली ढेहर के बालाजी मंदिर, सीकर रोड में रविवार को पोष बड़ा महोत्सव का आयोजन किया गया। बगीची के महंत और गोपालक हरिशंकर दास वेदांती ने बताया कि इस अवसर पर पौष बड़ा महोत्सव में सुबह से ही भजन संकीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजन हुए। आयोजन से पहले सुबह से गौ माता की सेवा के साथ ही सबसे पहले बालवृंद और संत- महंतों को प्रसादी कराई गई। इसके बाद भक्तों को पोष बड़ा प्रसादी जिमाई गई। इस मौके पर रैवासा पीठ के अलावा प्रदेशभर से प्रमुख पीठों के साधु- संत व गणमान्य लोग आयोजन में शामिल हुए। इस अवसर को विशेष बनाने के लिए गौ भक्त और बगीची के सेवकों ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
महंत हरिशंकर दास वेदांती महाराज ने बताया कि सनातन धर्म में सर्वोपरि हमारे पर्व और त्योहारों की श्रृंखला में पोष बड़ा महोत्सव का बहुत अधिक महत्व है। भगवान को हलवा, पौष बड़ा और अन्य सामग्री का विशेष प्रसाद अर्पण किया गया। बगीची स्थित सभी देवों की सुगंधित पुष्पों की विशेष झांकियां सजाई गई और दीपों से ढोल नगाड़ों के बीच आरती की गई।
आयोजन से जुड़े समाजसेवी चंद्र महेश झालानी ने बताया कि इस बार महोत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया गया। परम आराध्य भगवान श्रीराम जी के महोत्सव के दौरान भक्तों ने और संत महंतों ने भगवान राम और अन्य भजनों की विशेष प्रस्तुति दी। इसी कड़ी में राम जी के दरबार में और सियाराम बाबा जी के धूणे के पास भक्तों ने बारी- बारी से आरती की और आशीर्वाद लिया। सुबह से प्रारंभ हुई रामधुनी और भजन संध्या में बड़ी संख्या में भक्ति गानों ने भाग लिया। इस मौके पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी से दुनिया में भारत को सर्वोपरि विश्व गुरु बनाने के लिए विनती की गई।
आयोजन का बताया महत्व
अंग्रेजी नव वर्ष आगमन से पूर्व आयोजित पोष बड़ा प्रसादी आयोजन का महत्व बताते हुए वेदांती महाराज ने बताया कि प्रायः देखा जाता है कि आमजन सनातनी परंपरा छोड़ नव वर्ष को अलग-अलग विकृत रूप में मनाते हैं, नशा करते हैं और इसके बाद उपद्रव करते हैं। देर रात तक बेढ़ंग से और शोर शराबा करते हुए से नव वर्ष का स्वागत करते हैं, इसलिए सनातनी परंपरा का सभी को आभास हो, हमारी हिंदू संस्कृति, और सर्व धर्म समभाव वाली सनातनी परंपरा को सभी भली भांति जाने और सही तरीके से इसका पालन करें, यही उद्देश्य के साथ नव वर्ष आगमन से पूर्व यह आयोजन रखा गया। इसमें सभी भक्तों को एक सप्ताह पहले आमंत्रित किया गया। आयोजन में पहुंचने वाले भक्त यहां गौ माता की भी सेवा करते हैं। ऐसा अनूठा आयोजन होने से भक्त परिवार सहित यहां आते हैं और भावी पीढ़ी को संस्कारवान बना रहे हैं।




















