जयपुर। राजधानी में बढ़ते ड्रोन के चलन और इससे जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी है। यह आदेश सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ड्रोन के जरिए अवांछनीय घटनाओं की आशंका जताने के बाद जारी किया गया है।
रजिस्ट्रेशन और यूआईएन नंबर अनिवार्य
पुलिस आदेश के अनुसार नैनो श्रेणी (250 ग्राम से कम) को छोड़कर अन्य सभी श्रेणियों (माइक्रो, स्मॉल, मीडियम और लार्ज) के ड्रोन को उड़ाने से पहले डीजीसीए (डीजीसीए) की वेबसाइट ‘डिजिटल स्काई’ पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही संचालक के पास यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) और ऑपरेटर परमिट (यूएओपी) होना भी जरूरी है।
इन नियमों का करना होगा पालन
किसी भी आयोजन या सार्वजनिक स्थान पर ड्रोन उड़ाने से पहले संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से लिखित अनुमति लेनी होगी। एयरपोर्ट, सरकारी कार्यालयों और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील नो फ्लाई जोन में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। यह आदेश 6 फरवरी 2026 से प्रभावी होकर 6 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा।
पुलिस का मानना है कि शहर में कार्यक्रमों के दौरान ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में ड्रोन के माध्यम से अवांछनीय गतिविधियों को अंजाम देने की घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह नियंत्रण जरूरी है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों की अवहेलना करता है या बिना अनुमति ड्रोन उड़ाता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




















