जयपुर। राजस्थान पुलिस के जवानों और उनके परिवारों की सेहत व मानसिक तंदुरुस्ती को लेकर बुधवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस आयोजना,आधुनिकीकरण एवं कल्याण डॉ. प्रशाखा माथुर और डीआईजी पर्सनल डॉ कुंवर राष्ट्रदीप की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में प्रदेशभर की पुलिस यूनिटों के डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया।
40 प्लस पुलिसकर्मियों की सेहत पर विशेष फोकस
बैठक में डीजीपी शर्मा ने कहा कि डॉक्टर्स एवं स्टाफ पुलिस वेलफेयर की सबसे पहली कड़ी के रूप में कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी पुलिसकर्मियों का अनिवार्य रूप से मासिक और वार्षिक शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए डॉ. सुनील पुनिया (नोडल अधिकारी, पुलिस मुख्यालय) को डेटा संकलन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तनाव रोकने के लिए होगी काउंसलिंग
बैठक में सभी जिला यूनिटों के डॉक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर जवानों की नियमित काउंसलिंग करें। मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जवानों के तनाव को कम करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
निजी अस्पतालों के साथ मिलकर लगेंगे हेल्थ कैंप
एडीजी डॉ. प्रशाखा माथुर ने डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को जिला स्तर पर निजी अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। निर्देश दिए गए हैं कि समय-समय पर हेल्थ कैंप और शिविरों का आयोजन किया जाए, ताकि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारजन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
इस बैठक में विभिन्न जिलों और यूनिटों के कुल 39 डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ ने हिस्सा लिया। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिसकर्मियों, उनके परिजनों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कल्याण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ पुलिस बल ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकता है।




















