जयपुर। गोमाता के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत 27 अप्रैल को मनाए जाने वाले गौ सम्मान दिवस की तैयारियों को लेकर राजधानी में गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को वैशाली नगर स्थित गौ माता प्रदेश कार्यालय में गौ सम्मान अभियान को लेकर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें अनेक संतों, गौभक्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
संगोष्ठी के संयोजक ताराचंद कोठारी ने बताया कि 27 अप्रैल को आयोजित होने वाले कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप देने के लिए रणनीति तैयार की गई है। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान में राजस्थान की अग्रणी भूमिका रहेगी।
गौऋषि संत प्रकाश दास महाराज ने समाज के प्रत्येक वर्ग से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। अशोक डीडवानिया ने कहा कि आज जनता को अभियान से जोडक़र गौमाता को उसका सम्मान दिलवाकर ही हम देंगे। रामावतार सर्राफ, करणी सेवा से शिव सिंह शेखावत एवं महिपाल मकराना, गोसेवक शोभा शर्मा, बी.पी. दूत, नवल बगडिय़ा, सुरेश अग्रवाल एवं अजय अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने विचार रखे।
गौ क्रांति मंच, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद कोठारी ने बताया कि देशभर में गौहत्या पर सख्त कानून लागू करने, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, गौशालाओं को सुदृढ़ करने, गौतस्करी पर कठोर दंड का प्रावधान सुनिश्चित करने तथा पंचगव्य आधारित शोध एवं चिकित्सा को प्रोत्साहित करने जैसी मांगों के लिए 27 अप्रैल को प्रदेशभर में तहसील, उपखंड एवं जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
उधर हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य, ब्रह्मपीठाधीश्वर रामरतन देवाचार्य महाराज,, प्रकाश नारायण महाराज, महंत रामचरित दास, महंत हरिशंकरदास वेदांती, महंत ईश्वरदास महाराज एवं महंत परमानंद दास महाराज सहित अनेक संत-महंतों ने अपने-अपने क्षेत्र में श्रद्धालुओं को अभियान से जुडऩे के लिए प्रेरित किया। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गुरुवार को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग टीमों ने बैठक कर जनसंपर्क किया। लोगों से आह्वान किया गया वे 27 अप्रैल को अपने-अपने क्षेत्रों में गौ पूजन, गौ सेवा एवं गोष्ठियों का आयोजन कर अभियान को सफल बनाए।




















