जयपुर। राजस्थान में निजी बस संचालन को लेकर परिवहन विभाग और बस ऑपरेटरों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ दिनों से परिवहन विभाग ने नियमों के उल्लंघन के नाम पर निजी बसों पर भारी जुर्माना लगाया है और कई बसों को सीज भी किया है। इसी कार्रवाई से नाराज होकर जयपुर के निजी बस ऑपरेटरों ने हाल ही में बैठक की।
बैठक में ऑपरेटरों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा 1 सितंबर 2025 से लागू किए गए नए बस नियमों का आरटीओ स्तर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि नियमों की आड़ में मनमानी कार्रवाई की जा रही है, जिससे निजी बस संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जयपुर के निजी बस ऑपरेटरों ने निर्णय लिया है कि यदि परिवहन विभाग की कार्रवाई जारी रही तो 24 जनवरी को राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। राजस्थान कांटेक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मदन यादव ने बताया कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के बस ऑपरेटर भी इस हड़ताल का पूर्ण समर्थन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सभी बस ऑपरेटर जयपुर पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे।
यादव ने बताया कि बस ऑपरेटरों की प्रमुख मांगों में 1 सितंबर 2025 से पहले रजिस्टर्ड बसों को गलत तरीके से सीज और भारी जुर्माना न लगाया जाए।ग्रामीण बसों पर लगे कैरियर को हटाने का निर्देश नियमों के विरुद्ध है।
मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर एआईटीपी परमिट बसों पर राजस्थान में भी समान अनुपात में टैक्स लागू किया जाए। फायर अलार्म सिस्टम बस चेसिस निर्माणकर्ता द्वारा लगाया जाए, न कि बस ऑपरेटरों की जिम्मेदारी बने आदि शामिल हैं।
बस ऑपरेटरों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती है तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।




















