जयपुर । राजसी विरासत—समृद्ध संस्कृति और अनमोल परंपराओं के लिए प्रसिद्ध गुलाबी नगरी जयपुर अब जलवायु सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की मेज़बानी करने जा रही है। भारत के “सोलर मैन” और आईआईटी बॉम्बे के प्रोफ़ेसर चेतन सिंह सोलंकी 31 अगस्त तक जयपुर में रहकर फ़ाइनाइट अर्थ मूवमेंट (फेम) — एक वैश्विक, युवाओं पर केंद्रित आंदोलन — को आगे बढ़ाएंगे, जो जलवायु सुधार की तात्कालिक आवश्यकता पर जोर देता है।
प्रोफेसर सोलंकी जिन्होंने 2020 से 2030 तक की 11 साल की एनर्जी स्वराज यात्रा को समर्पित किया है, एक सौर ऊर्जा से संचालित बस में रहते हैं और पूरे भारत में यात्रा कर विशेषकर युवाओं से जुड़कर जलवायु परिवर्तन और उसके सुधार पर संवाद करते हैं। 11 साल की इस यात्रा के साथ वे जयपुर में सशक्त कार्यक्रमों—कार्यशालाओं और वार्ताओं की श्रृंखला लेकर आ रहे हैं।
जिस तरह जयपुर को अपने किलों, महलों और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए दुनिया भर में सराहा जाता है, उसी तरह अब यह धरती को बचाने के लिए भी पहचाना जाएगा। जयपुर की जनता — युवा, संस्थान, नेता और नागरिक — मिलकर इस सरल सत्य को फैलाएँगे: सीमित ग्रह पर असीमित उपभोग संभव नहीं है।
27 अगस्त को फेम टॉक्स, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर — संतुलित जीवन और जलवायु सुधार पर प्रेरक संवाद श्रृंखला की शुरुआत।28 अगस्त को द इकोनॉमिक टाइम्स राजस्थान बिज़नेस समिट — मुख्य भाषण।29 अगस्त को क्लाइमेट एक्शन हब ओरिएंटेशन, पूर्णिमा कॉलेज — संस्थानों और छात्रों को संगठित कर मापनीय जलवायु प्रभाव के लिए एक्शन हब की स्थापना।
30 अगस्त को फेम स्पीकर ट्रेनिंग वर्कशॉप, डॉ. बी. लाल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी — शिक्षकों और युवा नेताओं को फेम स्पीकर बनने का प्रशिक्षण, ताकि वे समुदाय में संदेश फैला सकें। 30 अगस्त को जयपुर फॉर फेम— जयपुर में जलवायु सुधार के लिए नेतृत्व करने वाले प्रमुख लोगों की बैठक।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जयपुर को जलवायु कार्रवाई का केंद्र बनाना है, जहाँ युवा, शिक्षक और सामुदायिक नेता व्यावहारिक उपायों के साथ उपभोग कम करने, अदृश्य कार्बन घटाने और जिम्मेदार जीवन जीने की दिशा में ठोस कदम उठा सकें।