जयपुर। फोर्टिस हॉस्पिटल जयपुर ने अपने नेशनल साइकोलॉजी क्विज़ प्रोग्राम के 8वें एडिशन ‘साईक-एड 2025’ का आयोजन किया जिसमें विभिन्न स्कूलों ने भाग लिया और नेशनल फाइनल्स में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ा मुकाबला किया। साईक-एड, नेशनल लेवल की वार्षिक आधार पर फोर्टिस हेल्थकेयर द्वारा स्कूली छात्रों के लिए आयोजित की जाने वाली साइकोलॉजी क्विज़ है जिसके 8वें एडिशन में 900+ स्कूलों की भागीदारी देखी गई। साईक-एड के ऑनलाइन राउंड में देशभर के 190+ शहरों से 12000 से अधिक प्रतिभागियों ने क्विज़ में हिस्सा लिया।
यह क्विज़ 11वीं और 12वीं के स्कूलों छात्रों के लिए तैयार की गई थी और साइकोलॉजी तथा इस विषय से जुड़े कन्सेप्ट्स की उनकी जानकारी की परख करना इसका उद्देश्य है। साईक-एड 2025 को जीडी गोयनका यूनीवर्सटी, प्रोजेक्ट सीएसीए, रूपा पब्लिकेशंस समेत फोर्टिस ग्रुप की कंपनी अदायु का समर्थन हासिल है। पिछले कुछ वर्षों में, साईक-एड ने नेशनल लेवल के फ्लैगशिप इवेंट के तौर पर अपनी साख बनायी है जिसमें महानगरों के अलावा छोटे शहरों और विदेश के स्कूलों की हिस्सेदारी रहती है और यह सभी के लिए सीखने तथा विचार-विमर्श करने का समावेशी प्लेटफार्म बन चुका है।
इस क्विज़ की संकल्पना डॉ समीर पारीख, चेयरपर्सन – फोर्टिस नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम, फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के मार्गदर्शन में तैयार की गई और इसे साकार रूप दिया गया। क्विज़ का उद्देश्य लर्निंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुशासन सुनिश्चित करते हुए छात्रों को व्यस्त रखने वाली रोचक गतिविधि को बढ़ावा देना है।
इस अनूठी पहल के बारे में, डॉ समीर पारीख ने कहा, “हमारी इस पहल का व्यापक उद्देश्य है – वह है स्कूली छात्रों के स्तर पर मेंटल हेल्थ के बारे में जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी शर्मिंदगी और संकोच को कम करना तथा साइकोलॉजी के बारे में उनकी जिज्ञासा बढ़ाना। यह क्विज़ शिक्षा को रोचक तरीके से सीखने का माध्यम है। फोर्टिस हेल्थकेयर देश में उन गिने-चुने हेल्थकेयर संस्थानों में से है जो मेंटल हेल्थ एजुकेशन पर जोर देने के साथ-साथ युवाओं को संवेदनशील बनाने के लिए खासतौर से प्रयासरत हैं।”