जयपुर। शहर के प्रसिद्ध श्री गोविंददेवजी मंदिर में बुधवार को पुत्रदा एकादशी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर मंदिर कमेटी की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी के दिन श्रद्धा, संयम और विधि पूर्वक व्रत रखने से संतान सुख, परिवार में सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा भगवान विष्णु का आशीर्वाद जीवन में बना रहता है।
पुत्रदा एकादशी पर गोविंद देव जी के दर्शन करने का समय
गोविंददेवजी मंदिर में बुधवार पुत्रदा एकादशी के चलते मंदिर कमेटी ने भगवान के दर्शन का समय बदल दिया है। इसके तहत मंगला झांकी का समय सुबह 04:30 बजे से 5:15 बजे तक रहेगा। इसके बाद धूप सुबह 07.30 बजे से 09.00 बजे तक, श्रृंगार सुबह 09.30 बजे से 10.15 बजे तक, राजभोग सुबह 10.45 बजे से 11.45 बजे तक, ग्वाल शाम 04.30 बजे से 05.15 बजे तक, संध्या शाम 05.45 बजे से 07.15 बजे तक और शयन शाम 07.45 बजे से 08.15 बजे तक होगा।
पुत्रदा एकादशी पर गोविंद देव जी के दर्शनों के लिए गाइडलाइन
इसके साथ ही गोविंद देव मंदिर कमेटी ने भगवान के दर्शन के लिए गाइडलाइन जारी की हैं, जिसके तहत मंदिर में आने वाले भक्तों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह दर्शन व्यवस्था सिर्फ बुधवार को पुत्रदा एकादशी तक केवल मंगला से शयन झांकी तक रहेगी। जो इस प्रकार है।
पुत्रदा एकादशी पर मंदिर में जूता चप्पल खोलने की कोई व्यवस्था नहीं होगी। दर्शनार्थी दो लाइनों (प्रवेश जूता चप्पल एवं प्रवेश बिना जूता चप्पल) से होते हुए मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। दर्शनार्थी जूते-चप्पल सहित मंदिर के बाहर बजे टेंप से दर्शन कर सकेंगे। वहीं बिना जूते – चप्पल पहने दर्शनार्थी मंदिर छावन में दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर में निःशुल्क जूता घर बंद रहेगा।
जो भक्त दिल के मरीज, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर के मरीज या जिन्हें सांस लेने में दिक्कत है या जो किसी दूसरी बीमारी से परेशान हैं। उन्हें भीड़ से अपनी सुरक्षा को देखते हुए मंदिर नहीं आना चाहिए।
दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए, उन्हें मंदिर में बैग, लेडीज़ पर्स जैसी कीमती चीजें लेकर नहीं आना चाहिए और महिलाओं को महंगी ज्वेलरी नहीं पहननी चाहिए। दर्शनार्थी कृपया अपने साथ पानी की बोतल लाएं। संदिग्ध व्यक्ति एवं लावारिस वस्तु दिखने पर मंदिर प्रशासन को एवं पुलिस प्रशासन को तुरंत सूचित करें।



















