जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन चुनावों में इस बार अभूतपूर्व उत्साह और जोश देखने को मिल रहा है। बार परिसर इन दिनों ढोल-धमाकों, नारों और समर्थकों की भीड़ से पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा हुआ है। सभी प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ हर्षोल्लासित माहौल में धूमधाम से नामांकन दाखिल करने पहुँच रहे हैं, जिससे परिसर में दिनभर रौनक बनी हुई है।

राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव अधिकारी नरेन्द्र सिंह शेखावत,दिनेश पाठक और जयप्रकाश गुप्ता है। जो राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव करवाने का दायित्व निभा रहे है। चुनाव अधिकारी नरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि इस बार पांच हजार पांच सौ बत्तीस अधिवक्ता अपने मत का प्रयोग करेंगे।

चुनाव अधिकारी के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया के तहत 3 दिसंबर नामांकन भरने की अंतिम तिथि तय की गई है। इसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। वहीं हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव 11 दिसंबर को संपन्न होंगे। जिनमें बार सदस्य अपने-अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। वहीं मतगणना अगले दिन 12 दिसंबर को की जाएगी।

जानकारी के अनुसार इस बार राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष पद पर महेंद्र शांडिल्य,राजीव सोगरवाल, अंशुमान सक्सेना, इंद्रेश शर्मा और संगीता शर्मा के बीच कांटे की टक्कर उभरकर सामने आ रही है। सभी प्रत्याशी अपने-अपने गुटों के साथ जोरदार शक्ति-प्रदर्शन करते हुए लगातार सदस्यों से समर्थन जुटा रहे हैं।

वहीं महासचिव पद के लिए दीपेश शर्मा,अशोक यादव और शालिनी शर्मा प्रमुख दावेदार के रूप में सुर्खियों में छा रहे हैं। उनके समर्थकों में भी खासा उत्साह नजर आ रहा है, जो बार परिसर में उनके पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।

साथ ही उपाध्यक्ष पद पर भी मुकाबला और भी रोचक हो गया है। जिसमें अनुराग कलावटिया, शालिनी शेरोन, सुनील कुमार शर्मा और मनोज दीक्षित के बीच बहुकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है। सभी प्रत्याशी लगातार बार सदस्यों से मुलाकात कर समर्थन मांग रहे हैं। जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प देखनो को मिलेगा। वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए चित्ररेखा गौड़,प्रीति शर्मा,आयुष कटारा,अंकित कृष्ण गर्ग,गौरव शर्मा और सचिन कुमार भारद्धाज चुनावी मैदान में उतरे हुए है।

गौरतलब है कि तेज होती चुनावी गतिविधियों के बीच अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरगर्मी और भी बढ़ेगी और बार परिसर पूरी तरह चुनावी जश्न का केंद्र बना रहेगा।






















