जयपुर। हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके चलते राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ को शुक्रवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस बार धमकी भरे मेल में सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत के दौरे को रद्द करने की चेतावनी दी गई थी।
मेल में लिखा था कि सीजेआई का दौरा कैंसिल कराओ, दोपहर 12 बजे तक हाईकोर्ट खाली कर दो, यहां आरडीएक्स प्लांट किया गया है। इस सूचना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। पिछले चार महीनों में 10वां अवसर है जब कोर्ट को डराने की कोशिश की गई है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज के अनुसार धमकी मिलते ही बम निरोधक दस्ता (बीडीडीएस) और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। कोर्ट रूम से लेकर पार्किंग तक चप्पा-चप्पा छाना गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। तब प्रशासन ने राहत की सांस ली।
तलाशी के कारण न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ और सुबह 10:30 के बजाय करीब 11 बजे सुनवाई शुरू हो सकी। इधर पुलिस की साइबर टीम धमकी भरे मेल करने की जांच कर रही है। जिससे पता लगाया जा सके कि यह ई-मेल किस आईपी एड्रेस से भेजा गया है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत जयपुर के दौरे पर हैं। इसी दौरे को निशाना बनाने के उद्देश्य से यह धमकी दी गई थी। इससे पहले गुरुवार को भी इसी तरह का मेल मिला था, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
ज्ञात रहे कि 31 अक्टूबर 2025 को पहली बार मेल आया था। इसके बाद 5, 8, 9, 10 और 11 दिसंबर को लगातार धमकियां मिलीं। साल 2026 में भी 6, 17 और 19 फरवरी के बाद अब शुक्रवार को फिर यह हरकत दोहराई गई।
साइबर लॉ एक्सपर्ट वकील आदर्श सिंघल के अनुसार आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन ) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें आईपी एड्रेस बार-बार बदलता है, जिससे लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल होता है। हालांकि वीपीएन प्रोवाइडर कंपनियों से डेटा हासिल कर आरोपी तक पहुंचा जा सकता है, लेकिन यह एक जटिल और लंबी प्रक्रिया है।




















