जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्य पीठ को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला है। अब तक करीब एक दर्जन बार इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, जिससे न्यायिक कार्यों में बार-बार व्यवधान आ रहा है। ताजा धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हाईकोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके चलते करीब एक घंटे तक मुकदमों की सुनवाई स्थगित रही। सर्च तलाशी के बाद परिसर को खोल दिया गया।
हाईकोर्ट प्रशासन की आधिकारिक आईडी पर ई-मेल मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने मुख्य बिल्डिंग के चप्पे-चप्पे की जांच की। एहतियात के तौर पर कर्मचारियों और अन्य लोगों को परिसर से बाहर निकाला गया।
हाईकोर्ट चौकी प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि पूरी जांच के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। वहीं बार-बार मिल रही धमकियों और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से वकीलों में खासा रोष है।
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बार के अध्यक्ष राजीव कुमार सोगरवाल ने बताया कि इस तरह की धमकियों का मिलना गलत है। हमारी कमिश्नर और डीजीपी से यही मांग है कि जल्द से जल्द इन मामलों में कार्रवाई की जाए। इन धमकियों के पीछे कोई बाहरी ताकते हैं या देसी ताकते हैं या कोई शरारती तत्व ऐसा कर रहा है। इसकी जांच जरूरी है। इससे कोर्ट की कार्रवाई भी बाधित हो रही है।
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा ने कहा कि यदि कोई धमकी हकीकत में बदल गई तो भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। हाल ही में एक कार्यशाला में सीजेआई सूर्यकांत की मौजूदगी में जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने भी इस पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि हाईकोर्ट में बम की धमकियां अब स्कूल की घंटी की तरह सामान्य होने लगी हैं, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट को पहली बार पिछले साल 31 अक्टूबर 2025 को धमकी मिली थी। इसके बाद दिसंबर: 5, 8, 9, 10 और 11 दिसंबर को लगातार मेल आए। फिर 2026 में फरवरी: 6, 17, 19, 20 और 25 फरवरी को प्रशासन को ईमेल भेजकर चुनौती दी गई। लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद साइबर पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा पाई है कि ये मेल कहाँ से और कौन भेज रहा है।




















