सदन में राजपूतों पर की गई गलत टिप्पणी पर राजपूत समाज में नाराजगी: कालवी

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जयपुर। कुआं ठाकुर का, विधानसभा राजस्थान की, वाल्मीकि की कविता से हरीश चौधरी की ओर से सदन में दिए गए बयान पर राजपूत समाज ने नाराजगी जाहिर की है। जहां शुक्रवार को जयपुर में कांग्रेस के सीनियर नेता हरीश चौधरी द्वारा सदन में राजपूत समाज पर की गई टिप्पणी को लेकर श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह कालवी ने कहा कि ऐसा कोई नेता नहीं है जो राजपूतों पर टिप्पणी किए बगैर विधानसभा,लोकसभा पहुंचा हो। नेताओं के पास एक ही सीढ़ी है जिसके माध्यम से विधानसभा और लोकसभा पहुंचा जा सकता है।

प्रताप सिंह कालवी ने कहा कि हरीश चौधरी के बयान की राजपूत समाज कड़ी निंदा करता है और सभी पार्टी को चेतावनी देता है कि अगर इस तरह से राजपूत समाज को लेकर टिप्पणियाँ होती रहेगी तो राजपूत समाज द्वारा उग्र आंदोलन किया जायेगा।

कालवी ने यह भी कहा कि वह राजस्थान समेत पूरे भारत देश का एक दौरा करेंगे। जिसमें जाति-समाज पर ऐसी की गई टिप्पणियों को लेकर कुछ काम करेंगे। साथ ही श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक कालवी साहब के मूल उद्देश्य, विचारधारा को वापस लाने का काम भी किया जायेगा।

कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने विधानसभा में क्या कहा

बजट अभिभाषण पर बोलते हुए पूर्व मंत्री और बायतु से विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि इसमें सिर्फ राजा-रजवाड़ों की बात की गई है। गरीब लोगों के लिए बजट में कुछ नहीं है। हरीश इसके बाद ओम प्रकाश वाल्मीकि की ठाकुर का कुआं कविता पढ़ने लगे।

हरीश चौधरी ने सदन में कविता पढ़ते हुए कहा कि चूल्हा मिट्टी का, मिट्टी तालाब की, तालाब ठाकुर का, भूख रोटी की, रोटी बाजरे की, बाजरा खेत का, खेत ठाकुर का, बैल ठाकुर का, हल ठाकुर का, हल की मूठ पर हथेली अपनी, फसल ठाकुर की, कुआं ठाकुर का, खेत-खलिहान ठाकुर के, आपके लिए क्या है? गांव, शहर और देश बजट को देखकर तो लगता है कि यह बड़े-बड़े महल और ठाकुरों के लिए है।

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