जयपुर। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज द्वारा 27-28फरवरी 2026 को श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, जयपुर (राजस्थान) में दो दिवसीय भव्य डेयरी और पशु कार्यक्रम ‘रंगीलो’ का आयोजन किया जा रहा है।
‘रंगीलो’ नाम राज्य के जीवंत और मेहनती लोगों का प्रतीक है, यह दो दिवसीय कार्यक्रम किसानों, कृषि एवं डेयरी विशेषज्ञों और उद्योग के हितधारकों को एक साथ लाएगा। इसका उद्देश्य राज्य के समृद्ध डेयरी क्षेत्र को प्रदर्शित करना और साथ ही इसकी जीवंत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाना है। यह न केवल किसानों और आगंतुकों के लिए कृषि और डेयरी में उत्कृष्टता को सीखने, जुड़ने के लिए एक मंच तैयार करेगा बल्कि राज्य के डेयरी उद्योग को भी बढ़ावा देगा।
डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (NDDB) और NDS ने कहा, “राजस्थान का डेयरी क्षेत्र ग्रामीण समृद्धि के एक शक्तिशाली इंजन के रूप में खड़ा है, जो देश के कुल दूध उत्पादन में 16% का योगदान देता है। रंगीलो जैसे कार्यक्रम हमारे डेयरी इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने और उसे और अधिक मजबूत करने का एक अवसर हैं—जहाँ नवाचार, सहकारी भावना और किसान सशक्तिकरण मिलकर लचीले और टिकाऊ ग्रामीण समुदायों का निर्माण करते हैं। यही वह भावना है जो राजस्थान की डेयरी सफलता की कहानी को परिभाषित करती है और एनडीडीबी इस यात्रा का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इस कार्यक्रम में गिर, साहीवाल, थारपारकर, राठी, हरियाणा, कांकरेज, पुंगनूर, नागोरी सहित स्वदेशी मवेशियों की नस्लों; मुर्रा, नीली रावी, जाफराबादी जैसी भैंस की नस्लों; और बकरी, भेड़ एवं ऊंटों के अलावा एचएफ, जर्सी क्रॉसब्रेड सहित विदेशी नस्ल की गायों का प्रदर्शन किया जाएगा।
रंगीलो की विशेषताओं में दुग्ध प्रतियोगिता, कृषि और डेयरी तकनीक का प्रदर्शन, टॉक शो, प्रगतिशील किसान सत्र, तकनीकी सत्र, नीति संवाद के साथ-साथ जीवंत लोक प्रदर्शनों, पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने वाले कारीगरों और क्षेत्रीय व्यंजनों के माध्यम से संस्कृति और शिल्प का प्रदर्शन शामिल है, जो राजस्थान की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव मनाते हैं।
इस कार्यक्रम में उच्च पदस्थ गणमान्य व्यक्तियों, राज्य और जिला अधिकारियों, किसानों, छात्रों, दुग्ध प्रोसेसरों और डेयरी सहकारी समितियों, कृषि-उद्यमियों, मूल्य वर्धित उत्पाद निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं शामिल होंगे।



















