जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में गणतंत्र दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने ध्वजारोहण कर पूर्व सैन्यकर्मियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों की परेड की सलामी ली।
समारोह में एनएसएस टीम द्वारा परेड एवं साइकिल रैली का आयोजन किया गया। भावी आयुर्वेद चिकित्सकों ने योग प्रदर्शन कर स्वस्थ जीवन एवं अनुशासित दिनचर्या का संदेश दिया।
संस्थान के चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं पूर्व सैनिकों द्वारा देशभक्ति गीत, कविता पाठ, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। जलियांवाला बाग की ऐतिहासिक घटना के मंचन ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
इस अवसर पर संस्थान की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 फरवरी को आयोजित होने वाले स्वर्ण जयंती समारोह एवं 5 फरवरी से प्रस्तावित शल्यकोन 2026 के पोस्टर का विमोचन किया गया।

कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि “देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही हम राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश को अपना संविधान मिला जो कि इस देश की आत्मा है। आयुर्वेद और शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में संस्थान निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
कार्यक्रम के अतिथि संस्थान के पूर्व यूजी डीन प्रोफेसर ओमप्रकाश दाधीच ने संविधान के महत्व पर जानकारी देते हुए गणतंत्र दिवस पर संबोधित किया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर संजय अग्रवाल एवं संचालन प्रोफेसर महेंद्र प्रजापति एवं डॉक्टर पुनीत चतुर्वेदी ने किया।




















