ईडब्ल्यूएस आरक्षण और पुजारी प्रोटेक्शन बिल को लेकर संतों और समाज के प्रतिनिधियों ने भरी हुंकार

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Saints and community representatives raise voice against EWS reservation and priest protection bill
Saints and community representatives raise voice against EWS reservation and priest protection bill

जयपुर। राजधानी के बाईस गोदाम स्थित धरना स्थल पर सोमवार को सर्व समाज राजस्थान के बैनर तले आयोजित विधानसभा धरने में संतों और समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी एकजुटता दिखाई और अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी। विधानसभा सत्र के बीच आयोजित इस धरने में आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को पंचायत व निकाय चुनावों में आरक्षण देने और मंदिर माफी की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने सहित पांच सूत्रीय मांगों पर पुरजोर आवाज उठाई गई।

धरने में विप्र महासभा के संस्थापक सुनील उदैया ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इन न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। स्वामी राघवेंद्र ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पुजारी प्रोटेक्शन बिल और मंदिर माफी की जमीनों के संरक्षण पर जोर देते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का मांग-पत्र प्रशासन को सौंपा कि ईडब्ल्यूएस वर्ग को पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में जनसंख्या के अनुपात में उचित आरक्षण दिया जाए। वहीं विप्र कल्याण बोर्ड, देवस्थान बोर्ड और ईडब्ल्यूएस बोर्ड का गठन कर उन्हें बजट आवंटित करते हुए प्रभावी रूप से संचालित किया जाए। साथ ही आर्थिक पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष बजट प्रावधान हो और प्रदेश के प्रत्येक जिले में इस वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक हॉस्टल बनाए जाएं।

इसके अलावा प्रदेश में लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए पुजारी प्रोटेक्शन बिल तुरंत लागू किया जाए और मंदिर माफी की बेशकीमती जमीनों को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया जाए और  यूजीसी एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और अन्य जाति आधारित कानूनों की समीक्षा कर उन्हें न्यायसंगत बनाने की मांग की गई।

इधर विधानसभा घेराव की चेतावनी के चलते बाईस गोदाम और आसपास का क्षेत्र सुबह से ही पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात रहा और सुरक्षा कारणों से कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा। दोपहर बाद सर्व समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के उच्च अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि यह हक और न्याय की लड़ाई है। जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।

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