जयपुर। राजस्थान में 30 हजार सफाई कर्मचारियों की प्रस्तावित भर्ती को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ तथा राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के बीच नगर निगम जयपुर हेरिटेज मुख्यालय (लाल कोठी) के सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वाल्मीकि समाज के संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर इंडोरिया ने बताया कि राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स–2022 के तहत होने वाली इस भर्ती को लेकर समिति के समक्ष 12 प्रमुख मांगें रखी गईं। यूनियन की प्रमुख मांगों में 30 हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया 15 दिनों में पूरी करने,पूर्व में जमा आवेदनों को ही मान्य रखने तथा नए आवेदन लेने की स्थिति में केवल 7 दिन का समय देकर ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करने की मांग शामिल है।
संघ ने वर्ष 2009, 2012 और 2018 से लंबित अदालती प्रकरणों से जुड़े अभ्यर्थियों को 1996 की तर्ज पर नियुक्ति देने तथा आपदा और कोरोना काल में कार्य कर चुके मस्टरोल कर्मचारियों को प्राथमिकता देने की भी मांग रखी।
यूनियन ने भर्ती प्रक्रिया में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने तथा सीवर सफाई कार्य के लिए भी इसी समाज के अभ्यर्थियों को वरीयता देने की मांग की। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने की अवधि 5 वर्ष के बजाय 2 वर्ष करने, स्थानीय निवासी को उसी नगर निकाय में नियुक्ति देने और सफाई, झाड़ू व सीवर कार्य के लिए श्रेणीवार आवेदन लेने का सुझाव भी दिया गया।
बैठक में मौजूद नगर निगम आयुक्त गौरव सैनी ने यूनियन को आश्वस्त किया कि 15 दिनों के भीतर संविदा आधार पर सफाई कर्मचारी भर्ती–2026 की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यूनियन द्वारा दिए गए सुझावों को नियमों में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। साथ ही 3 फरवरी 2026 को पुनः बैठक कर यूनियन की सहमति के बाद भर्ती प्रक्रिया विधिवत शुरू की जाएगी।
बैठक में संरक्षक एवं विधायक कालीचरण सर्राफ के मार्गदर्शन में वाल्मीकि पंच कमेटी के अध्यक्ष मनोज चांवरिया, सुरेश कल्याणी, शिवचरण डंडोरिया सहित अलवर, गंगानगर, बीकानेर, पाली और धौलपुर जिलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




















