पीतांबरी धारण कर व्याघ्र पर सवार होकर आएगी संक्रांति, कई राशियों के जातक को मिलेगा विशेष लाभ

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जयपुर। नए साल का पहला पर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाएगा। जब सूर्य धनु से मकर राशि या दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर स्थानांतरित होता है, तब यह पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष संक्रांति का वाहन व्याघ्र है तथा उप वाहन अश्व है। पीताम्बरी वस्त्र धारण किए हैं। हाथ में रजत पात्र है और ये पश्चिम दिशा की ओर गमन कर रही है।

ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि 14 जनवरी को दोपहर 3:7 मिनट पर सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान मकर संक्रांति का सामान्य पुण्यकाल दोपहर 3:13 से शाम 5:45 बजे तक है। यानी 2 घंटे 32 मिनट रहेगा। इसी तरह महा पुण्यकाल दोपहर 3:13 से शाम 4:58 बजे तक 1 घंटे 45 मिनट रहेगा।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि भारत में धार्मिक-सांस्कृतिक दृष्टि से मकर संक्रांति का बड़ा महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं। चूंकि शनि मकर और कुंभ राशि का स्वामी है, इसलिए यह पर्व पिता-पुत्र के अनोखे मिलन से जुड़ा है।

राशियों पर असर

मेष: सूर्य के आर्थिक पक्ष को मजबूत करने से धन आने के साथ बुजुर्गों का मार्गदर्शन मिलेगा।

वृषभ: भाग्य भाव में सूर्य के आगमन से मंगल कार्य होंगे और आकस्मिक धन मिलेगा।

मिथुन: मिश्रित फल प्राप्त होंगे। साथ ही यात्रा के योग बनने से धन खर्च होगा।

कर्क: सप्तम भाव में सूर्य होने से व्यापार में वृद्धि और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। महिलाओं को लाभ मिलेगा।

सिंह: विभिन्न स्रोतों से आय या धन का आगमन होगा।

कन्या: प्रतिष्ठा में वृद्धि के साथ नौकरी में प्रमोशन का योग है।

तुला: सूर्य अच्छा फल प्रदान करेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें।

वृश्चिक: सफलता के साथ क्षमताओं में वृद्धि और नए कार्यों की शुरुआत होगी।

धनु: द्वितीय भाव में सूर्य का आगमन समृद्धि प्रदान करेगा।

मकर: मकर राशि पर सूर्य के आगमन से क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा। अहंकार से भी बचें।

कुंभ: आय के बजाय खर्च में वृद्धि होगी। अज्ञात लोगों से सावधान रहें।

मीन: धन के आगमन के साथ विभिन्न स्रोतों से लाभ होगा।

दान से संवरेगी किस्मत

तिल: तिल शनिदेव का प्रतीक माना जाता है। इसलिए संक्रांति पर तिल दान करने से शनि दोष दूर होता है।

कंबल: कंबल दान करने से राहु के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है।

गुड़: गुड़ को गुरु की प्रिय वस्तु माना गया है। इसलिए मकर संक्रांति पर गुड़ और गुड़ दान करने से शनि, गुरु, सूर्य तीनों के दोष दूर होते हैं।

खिचड़ी: मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान शुभ माना जाता है। खिचड़ी में उड़द दाल का प्रयोग किया जाता है। उड़द का संबंध शनिदेव से माना जाता है और चावल को अक्षय अनाज माना जाता है।

नमक: नमक दान करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा। जरूरतमंदों को वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

देशी घी: देशी घी दान करने से करियर में लाभ और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
चारा: संक्रांति पर गाय को हरा चारा खिलाने से घर में हमेशा खुशहाली रहती है।

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