शालिग्राम सेवा से घर बनता है तीर्थस्थल: कथा व्यास आचार्य मृदुल कृष्ण

0
49

जयपुर। श्री गिर्राज संघ परिवार विश्वकर्मा, जयपुर के 27वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्याधर नगर सेक्टर-7 स्थित अग्रसेन हॉस्पिटल के पीछे चल रहे 108 श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन शनिवार को वृंदावन धाम के विख्यात कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने माता-पिता की सेवा और देशभक्ति का संदेश दिया।

कथा में आचार्य ने श्री शालिग्राम जी की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जिस घर में शालिग्राम विग्रह होता है, वह एक किलोमीटर की परिधि में तीर्थ बन जाता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से भगवान प्रसन्न होते हैं और जिस पुत्र के माता-पिता सुखी रहते हैं, उस पर प्रभु की कृपा बनी रहती है। साथ ही उन्होंने माता-पिता से बच्चों में देशप्रेम और कर्तव्यबोध विकसित करने का आह्वान किया।

श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से भक्ति, शक्ति और मुक्ति की प्राप्ति होती है तथा यह कलिकाल के पापों का नाश करती है। कथा के दौरान भजनों पर श्रोतागण भाव-विभोर होकर नृत्य करते नजर आए। पूजन व आरती संयोजक विनोद गोयल एवं श्री गिर्राज संघ परिवार के पदाधिकारियों ने की। इस अवसर पर 125 ब्राह्मणों ने मूलपाठ का पाठ किया।

संघ के अध्यक्ष राम रतन अग्रवाल व महामंत्री गिरीश अग्रवाल ने बताया कि 11 जनवरी को कपिल-देवहूति संवाद व ध्रुव चरित्र, 12 को प्रह्लाद चरित्र, वामन अवतार व श्रीकृष्ण जन्म के साथ नंदोत्सव, 13 को बाल लीला, माखन चोरी व गिरिराज पूजन, 14 को महारास, मथुरा गमन व रुक्मिणी विवाह, तथा 15 जनवरी को सुदामा चरित्र, नवयोगेश्वर संवाद व परीक्षित मोक्ष के साथ पूर्णाहुति होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here