जयपुर। इस बार श्राद्व पक्ष विशेष संयोग के साथ 7 सितम्बर को चंद्र ग्रहण से शुरु होगें और 21 सितम्बर को सूर्यग्रहण पर श्राद्व पक्ष का समापन होगा। बताया जा रहा है कि तृतीया व चतुर्थी का श्राद्ध एक ही दिन 10 सितंबर को होने से एक श्राद्ध का क्षय हुआ है। चंद्रग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा, जिसमें चंद्रमा के साथ राहु और सप्तम भाव में सूर्य, केतु और बुध विराजमान होंगे। सूर्यग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में आएगा। इस दौरान सूर्य, चंद्रमा और बुध के साथ कन्या राशि में स्थित होंगे और उन पर मीन राशि में बैठे शनि देव की पूर्ण दृष्टि रहेगी।
रविवार दोपहर 1:27 बजे लग जाएगा चंद्रग्रहण का सूतक
चंद्रग्रहण रविवार को रात 9:57 बजे से शुरू होगा। समापन रात 1:27 बजे होगा। इसका सूतक 9 घंटे पहले यानी रविवार दोपहर 12:57 बजे लग जाएगा।
सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगेगा, जो आंशिक। यह न्यूजीलैंड, पैसिफिक, अंटार्कटिक और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व-दक्षिणी भाग में ही दिखाई देगा।
असर; शेयर मार्केट व सोने-चांदी की धातुओं में आएगा उछाल, अगले तीन महीने मौसम बदलेगा
19 साल बाद बना यह संयोग
ज्योतिषाचार्य राजेंद्र शास्त्री ने बताया कि यह संयोग 19 साल बाद बना है, जब श्राद्ध पक्ष की शुरुआत व समापन ग्रहण के प्रभाव में होंगे। इससे पहले वर्ष 2006 में ऐसा हुआ था। इस बार 15 दिन में 2 ग्रहण होने से इनका प्रभाव बढ़ेगा, जो मौसम से आपदा को प्रभावित करेगा।उन्होने बताया की जब दो-दो ग्रहण एक साथ एक ही महीने में होते हैं तो तूफान, भूकंप, मानवीय भूल से बड़ी संख्या में जनहानि के योग बनते हैं।
साल में चार ग्रहण से ये पड़ेगा जन जीवन पर प्रभाव
इस साल कुल 4 ग्रहण हैं। दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं को प्रभावशाली पद मिल सकता है।
जनमानस के स्वास्थ्य में अवरोध, सुख में कमी, नए रोगों का उत्पन्न होना, राजनीतिक उठा पटक, बड़े वाहन की दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
व्यापारिक दृष्टिकोण से यह समय ठीक रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण और बौद्धिक दृष्टिकोण से भी यह समय उपयुक्त रहेगा।रोजगार के क्षेत्र में वृद्धि होगी। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव होगा।




















