श्रीमद् भागवत कथा:माखन के बहाने कृष्ण ने भक्तों का मन चुराया: व्यास

0
250
Shrimad Bhagwat Katha: Krishna stole the hearts of devotees in the name of butter: Vyas
Shrimad Bhagwat Katha: Krishna stole the hearts of devotees in the name of butter: Vyas

जयपुर। विद्याधरनगर सेक्टर आठ के शॉपिंग सेंटर के पास हो रही श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार को श्री कृष्ण की नटखट बाल लीलाओं का श्रवण कराया गया। शाम को गोवर्धन धारण की लीला हुई और छप्पन भोग की झांकी सजाई गई।

व्सासपीठ से पंडित उमेश व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से समस्त गोकुलवासी सुखी और संपन्न थे। उन्होंने कहा कि माखन चोरी करने का आशय मन की चोरी से है। कन्हैया ने भक्तों के मन की चोरी की। भगवान कृष्ण के जन्म लेने पर कंस उनकी मृत्यु के लिए राज्य की सबसे बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। राक्षसी पूतना भेष बदलकर भगवान कृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है, परंतु भगवान उसका वध कर देते हैं।

इसी प्रकार कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन कार्यक्रम की तैयारी करते हैं, परंतु भगवान कृष्ण उनको इंद्र की पूजा करने से मना कर देते हैं और गोवर्धन की पूजा करने के लिए कहते हैं। यह बात सुनकर भगवान इंद्र नाराज हो जाते हैं और गोकुल को बहाने के लिए भारी वर्षा करते हैं। इसे देखकर समस्त ब्रजवासी घबरा हो जाते हैं।

भारी वर्षा को देखकर भगवान कृष्ण कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी लोगों को उसके नीचे छिपा लेते हैं। भगवान द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाकर लोगों को बचाने से इंद्र का घमंड चकनाचूर हो गया। मथुरा को कंस के आतंक से बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here