जयपुर। प्रदेश में उप-निरीक्षक (एसआई ) भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर सरकार और प्रशासन ने कमर कस ली है। 5 और 6 अप्रैल को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में करीब 7.70 लाख अभ्यर्थी भाग्य आजमाएंगे। परीक्षा को पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
41 शहरों में 1174 केंद्र, सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा
आरपीएससी सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि परीक्षा राज्य के 41 शहरों के 1174 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में आने वाले सभी साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र परीक्षा अवधि के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगे। केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर सख्त पाबंदी होगी।
नकल रोकने के लिए हाईटेक इंतजाम
अभ्यर्थियों की सटीक पहचान के लिए इस बार बहु-स्तरीय सुरक्षा जांच होगी। साथ ही क्यूआर कोड युक्त प्रवेश पत्र: प्रवेश द्वार पर ही कोड स्कैन कर पहचान सत्यापित की जाएगी। वहीं प्रत्येक केंद्र पर पूरी परीक्षा प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सक्रिय उड़नदस्ते लगातार केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। और संदिग्ध व्यक्तियों को सूचीबद्ध कर उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि डमी अभ्यर्थियों को रोका जा सके।
प्रश्न पत्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
आयोग के सदस्य हेमंत प्रियदर्शिनी ने स्पष्ट किया कि पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा मानकों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रश्न पत्रों के सुरक्षित भंडारण, परिवहन और वितरण के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को समयबद्ध समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि यह परीक्षा राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। इसकी योजना पूरी गंभीरता के साथ बनाई गई है। पर्यवेक्षी अधिकारियों का चयन भी विशेष मापदंडों के आधार पर किया गया है ताकि व्यवस्था चाक-चौबंद रहे।
अधिकारियों को सख्त हिदायत
संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयं केंद्रों की निगरानी करें। किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




















