जयपुर। जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रामा सेंटर में आग लगने की घटना के बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। जहां एसएमएस अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. सुशील भाटी और ट्रॉमा सेंटर के सुपरिटेंडेंट डॉ. अनुराग धाकड़ को उनके पदों से हटा दिया गया है। वहीं कार्यकारी अभियंता मुकेश सिंघल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस घटना के लिए ज़िम्मेदार मानी जा रही एसके इलेक्ट्रिक कंपनी पर भी कार्रवाई हुई है।
इस एजेंसी का सम्पर्क भी रद्द कर दिया गया है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सरकार ने मामले की विस्तृत जांच के लिए छह सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है। जिसकी अगुवाई मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर करेंगे। यह समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही क्षतिग्रस्त आईसीयू की मरम्मत तेजी से करने और मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत करने के आदेश दिए गए हैं।
8 की मौत, 5 गंभीर झुलसे
आग से सीकर का पिंटू, आंधी का दिलीप, भरतपुर से श्रीनाथ, रुक्मणि, खुश्मा, सर्वेश, दिगंबर वर्मा और सांगानेर से बहादुर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 5 लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक बालमुकुंद आचार्य, एसएमएस अस्पताल मरीजों से मिलने पहुंचे।
एसएमएस अधीक्षक डॉ. भाटी एवं ट्रोमा सेंटर के प्रभारी डॉ. धाकड़ को पद से हटाया
सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रामा सेंटर में आग की घटना के मामले में राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी, ट्रोमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ को पद से हटा दिया है एवं एसएमएस में पदस्थापित अधिशाषी अभियंता मुकेश सिंघल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही फायर सेफ्टी के लिए नियोजित एजेंसी एसके इलेक्ट्रिक कम्पनी की निविदा निरस्त करते हुए उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं राज्य सरकार ने सवाई मानसिंह अस्पताल में अधीक्षक का कार्यभार डॉ. मृणाल जोशी को एवं ट्रोमा सेंटर के अधीक्षक का कार्यभार डॉ. बीएल यादव को दिया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रोमा सेंटर में लगी आग की घटना का लिया जायजा
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार को सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर पहुंच कर वहां लगी आग की घटना का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। उन्होंने हादसे के मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की और परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस मामले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों को सभी बिंदुओं पर गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को क्षतिग्रस्त आईसीयू को जल्द से जल्द दुरुस्त करवाने और तब तक मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित
राज्य सरकार ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह कमेटी घटना के सभी पक्षों की गहनता से जांच करेगी। कमेटी की जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मृतकों के आश्रितों को जल्द ही उचित मुआवजा दिया जाएगा।
आग की भेंट जले मरीजों के परिजनों ने रो -रो कर सुनाई आपबीती
सवाई मानसिंग अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में रविवार—सोमवार की मध्यरात्रि लगी आग उपचार करवाने आए आठ मरीजों की जान खा गई। हादसे के बाद अस्पताल के बाहर मुख्य रोड़ पर धरने पर बैठे मरीजों के परिजनों ने रो-रो कर अपना दुखड़ा सुनाया।
जिनकी बात सुनकर दिल दहल गया। कुछ का तो कहना था कि हमारा मरीज सही हो गया था और सभी रिपोर्ट सामान्य आई थी डॉक्टरों ने कहा था की दो दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी । तभी अचानक से देर रात आईसीयू में अचानक से आग लग गई। पिंटू गुर्जर ने बताया कि आग लगने से कुछ ही सेकेंण्ड पहले मोबाइल फोन हमारी मरीज से बात हो रहीं थी। तभी अचानक से अफरा-तफरी मचने की आवाज आई और फोन बंद हो गया। वहीं आईसीयू वार्ड में आग लगने की सूचना मिलते ही भरतपुर निवासी रुकमणि का बेटा शुरु अपनी मॉ को बचाने के लिए दौड़ा ,लेकिन जहरीली धुंआ की चपेट में आने से उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
महज बीस मिनट में फैली थी आईसीयू के वार्ड में आग
बताया जा रहा है कि वार्ड में अचानक से धुंआ और प्लास्टिक जलने की दुर्गध आने की जानकारी वार्ड बॉय और चिकित्सकों 20 मिनट पहले ही वार्ड में भर्ती मरीजों ने दे दी थी। लेकिन उन्होने इस बात का अनसुना कर दिया। जिसके करीब 20 मिनट में आग ने पूरे आईसीयू वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया ओर किसी को वार्ड से निकलने का मौका नहीं दिया। कुछ परिजनों ने अपने मरीज को बाहर निकालने का प्रयास किया तो उनके पैरों कांच चुभ गए। जिसके कारण वो असफल रहें और मरीज आग की भेंट चढ़ गए। वार्ड में मौजूद नर्सिंग स्टाफ मौके से फरार हो गए ।
परिजनों ने तोड़े खिड़की के कॉच
आग लगने की सूचना पर हड़बडाए परिजनों को जब वार्ड के मैन गेट से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला तो कुछ लोगों ने खिड़की के कॉच तोड़ डाले और खिड़की के सहारे से अपने -अपने मरीजों को बाहर निकाल । खिड़की के टूटे हुए कॉच कुछ लोगों के लिए मुसीबत बन गए और पैरों में कांच चुंबन की वजह से वो वार्ड के अंदर नहीं पहुंच पाए । जिसके कारण एक व्यक्ति की धर्म पत्नी आग की भेंट चढ़ गई ।
कांग्रेस विधायक ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस विधायक रफीक खान भी एसएमएस अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मृतकों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
हनुमान बेनीवाल ने की स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमों और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजधानी जयपुर में प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान सवाई मानसिंह अस्पताल में लगी भीषण आगजनी की घटना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ राजस्थान के नाकारा चिकित्सा मंत्री पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेनीवाल ने कहा इतनी बड़ी घटना के 10 घंटे बाद स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की आंख खुली है। जो उनके दायित्व के प्रति बड़ी लापरवाही को उजागर करती है। क्योंकि उनमें यदि जरा सी भी संवेदनशीलता होती तो वो अपनी होटल में चैन की नींद लेने के बजाय रात्रि में ही घटना की खबर सुनते ही जयपुर रवाना हो जाते। मगर उन्होंने मौके पर जाने की बजाय नींद लेना ज्यादा उचित समझा। इसलिए सरकार को तत्काल नाकारा स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को बर्खास्त करना चाहिए।
एसएमएसआग हादसे में सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने से हुई छह मरीजों की मौत के बाद राजस्थान सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है। राज्य सरकार ने तय किया है कि मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी।
एसएमएस अस्पताल पहुंचे खाचरियावास ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने एसएमएस अस्पताल पहुंचकर आग से आठ लोगों की मौत के मामले में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कीं। घायलों के हाल-चाल जाने और अस्पताल के डॉक्टर से मिलकर मरीज और घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। खाचरियावास ने कहा कि जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिवारजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा देकर सारे मामले की न्यायिक जांच करानी चाहिए और मुख्यमंत्री को आश्वस्त करना चाहिए कि भविष्य में राजस्थान में सरकारी लापरवाही से किसी भी अस्पताल और स्कूल में कोई भी मौत नहीं होगी।
डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने कहा कि लापरवाह कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा
डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने ट्रॉमा सेंटर पर आग त्रासदी में घायलों से मिलने पहुंचीं। वार्ड में जाकर घायलों का हाल जाना और मीडिया से बातचीत में कहा कि लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रविवार—सोमवार की मध्यरात्रि लगी अचानक से भीषण आग लग गई। जिसके बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिसके बाद कोई व्हील चेयर पर तो को अपने कंधों पर उठा कर अपने -अपने मरीजों को अस्पताल से बाहर लेकर भागता हुआ नजर आया। लेकिन परिजनों की तमाम कोशिशों के बाद भी आठ मरीजों की जान चली गई। वहीं पांच गंभीर रुप से झूलस गए। देर रात अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गई। कुछ परिजनों ने अस्पताल के बाद ही धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मरीजों की कुशलक्षेम पूछने के लिए देर रात ही सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंच गए। वहीं एक एक जांबाज पुलिस कर्मी ने कुछ मरीजों को अपने कंधे पर लेकर अस्पताल के बाहर निकाला जिसमें वो चोटिल हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आग की लपटें और जहरीली धुंआ से मची वार्ड में अफरा-तफरी
बताया जा रहा है कि ट्रॉमा वार्ड शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी और देखते ही देखते आग की लपटें और जहरीला धुंआ पूरे वार्ड में फैल गया। हलका धुंआ निकलता देख वार्ड में मौजूद मरीजों के परिजनों ने इस बात की जानकारी वार्ड बॉय और वहां मौजूद चिकित्सकों को दी। लेकिन लापरवाही के चलते किसी ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।
जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। आग की लपटे और जहरीले धुएं ने वार्ड अफरा-तफरी मचा दी। जिसके बाद मरीजों के परिजनों ने ही भाग -दौड़ कर उन्हे बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि ट्रॉमा सेंटर दूसरी मंजिल पर पर है। जिसमें दो आईसीयू है। एक ट्रामा आईसीयू और दूसरा सेमी आईसीयू । जिस समय ट्रॉमा वार्ड के आईसीयू में आग लगी उस समय 11 मरीज भर्ती थे और सेमी आईसीयू में 24 मरीज थे।
आग और धुएं को देखते ही पहले तो वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सक अपनी -अपनी जान बचाने के लिए मौके से भाग निकले। लेकिन कुछ ही पल में पुलिस के जवानों को मदद के लिए भागता देख नर्सिंग स्टाफ और वॉर्ड बाँय ने तुरंत अपने प्रयास शुरु कर दिए और ट्रॉली पर मरीजों को लाद कर अस्पताल के बाहर खुले स्थान पर सुरक्षित पर ले गए।
पांच घायलों को तुरंत दूसरी जगह किया शिफ्ट
हादसे में झुलसे पांचों मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। हर संभव उपचार दिया जा रहा है। वहीं ट्रॉमा सेंटर में मौजूद अन्य मरीजों को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है।
पुलिस आयुक्त खुद कर रहे है मॉनिटरिंग
सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की सूचना के बाद पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ खुद मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। उन्होने बताया कि फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम आग के कारणों की गहनता से जांच कर रहीं है। प्रथम दृष्टि से आग का कारण शॉर्ट सर्किट ही माना जा रहा है। लेकिन आग किस कारण से लगी ये जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट पता चल पाएगा। इस हादसे में आग की भेंट चढ़ मृतकों के शवों को मुर्दाघर में रखवाया गया है। एफएलएल की रिपोर्ट आने के बाद ही जांच को एक नई दिशा मिलेगी।
एसएमएस अस्पताल के जवान ने बिना जान की परवाह किए निभाया फ़र्ज
देर रात जैसे ही ट्रॉमा वार्ड के आईसीयू में आग लगी तो अस्पताल परिसर के समीप मौजूद सवाई मानसिंह अस्पताल में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने मिलकर राहत कार्य शुरु किया। लेकिन पुलिसकर्मी ललित शर्मा ने बिना अपनी जान की परवाह किए आईसीयू में आग की लपटों के बीच में घुसकर मरीजों की जान बचाई। ललिता शर्मा ने कई मरीजों को अपने कांधों पर लाद कर अस्पताल परिसर से बाहर निकाला और फिर दूसरे मरीज को निकाले के प्रयास में वापस वार्ड की तरफ दौड़ लगा दी। कुछ ही घंटो में आग पर काबू पाने क बाद वो अचेत होकर गिर पड़े। चिकित्सकों का कहना है कि ललित शर्मा की सांस में दिक्कत है। जिन्हे उपचार दिया जा रहा है।




















