एसओजी की बड़ी कार्रवाई: प्रतियोगी परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

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SOG's big action: Member of high-tech cheating gang arrested in competitive examination
SOG's big action: Member of high-tech cheating gang arrested in competitive examination

जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप राजस्थान (एसओजी) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर डमी कैंडिडेट के माध्यम से परीक्षा दिलाने और स्मार्ट डिवाइस के जरिए प्रश्नपत्र हल करवाने में सहयोग करने का आरोप है।

एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 21 मई 2023 को आयोजित सहायक अभियंता सिविल (स्वायत्त शासन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा–2022 की जांच के दौरान सामने आया कि मूल अभ्यर्थी इंदराज सिंह की जगह किसी अन्य व्यक्ति ने डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा दी थी। प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर षड्यंत्रपूर्वक परीक्षा दिलाई गई थी।

इस संबंध में एसओजी थाना जयपुर में प्रकरण संख्या 09/2024 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धाराएं 419, 420, 467, 468, 471, 120बी तथा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2022 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच में पहले मूल अभ्यर्थी इंदराज सिंह, सहयोगी आरोपी परमेश्वर लाल और सलमान खान को गिरफ्तार कर चालान पेश किया जा चुका है। वहीं डमी परीक्षार्थी गुरदीप दास निवासी हिसार (हरियाणा) को 27 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। पूछताछ में गुरदीप दास के एक अन्य सहयोगी अजीत कुमार (36) निवासी टोकस, थाना आजाद नगर, जिला हिसार (हरियाणा) का नाम सामने आया। इसके बाद एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया कि गुरदीप दास परीक्षा केंद्र में विशेष स्मार्ट डिवाइस लेकर प्रवेश करता था और प्रश्नपत्र की फोटो लेकर बाहर भेज देता था। बाहर मौजूद अजीत कुमार इंटरनेट और अन्य विशेषज्ञों की मदद से प्रश्न हल कर वापस भेजता था, जिससे डमी परीक्षार्थी परीक्षा में सफल हो जाता था।

एसओजी के अनुसार आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ डिवाइस का उपयोग कर डमी कैंडिडेट के रूप में बैठकर नकल कर चुके हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, पंजाब, त्रिपुरा और दिल्ली में आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं।

मामले की जांच एसओजी के उपमहानिरीक्षक परिस देशमुख के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह द्वारा की जा रही है। एसओजी गिरोह के अन्य सदस्यों और उपयोग में लाई गई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के संबंध में भी जांच कर रही है। इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें 1 मूल अभ्यर्थी, 1 डमी परीक्षार्थी, 2 मध्यस्थ और 1 सहयोगी शामिल है ।

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