राज्य कर्मचारियों ने जलाई खेमराज कमेटी की रिपोर्ट की होली

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State employees burnt the report of Khemraj Committee
State employees burnt the report of Khemraj Committee

जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आव्हान पर प्रदेश के राज्य कर्मचारियों ने खेमराज कमेटी की रिपोर्ट का विरोध करते हुए जयपुर में गवर्नमेंट प्रेस से रैली निकाली और गवर्नमेंट होस्टल चौराहे पर कमेटी की रिपोर्ट की होली जलाई। महासंघ के निर्देश पर अन्य जिला मुख्यालयों पर भी खेमराज कमेटी के रिपोर्ट की होली जलाने के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पहले पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार कर्मचारी वित्त भवन पर एकत्रित होने लगे तो पुलिस ने वहां धारा 144 लगे होने की मजबूरी बताते हुए कर्मचारियों को एकत्रित होने एवं रिपोर्ट की प्रतियां जलाने की अनुमति नहीं दी । इसके पश्चात कर्मचारी महासंघ के कार्यालय में एकत्रित हुए और सैकड़ो की संख्या में कर्मचारियों ने रैली निकाल कर रिपोर्ट की प्रतियां जलाने हेतु कलेक्ट्रेट के लिए कूच किया लेकिन पुलिस द्वारा गवर्नमेंट प्रेस चौराहे से आगे नहीं जान देने पर खेमराज कमेटी की रिपोर्ट की प्रतियां गवर्नमेंट प्रेस चौराहे पर ही जलाकर कमेटी एवं सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया तथा नारे लगाए।

महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया की वेतन विसंगतियों के निराकरण के लिए खेमराज चौधरी की अध्यक्षता में बनी वेतन विसंगति परीक्षण समिति ने सरकार के इशारे पर कर्मचारियों को धोखा दिया है और कमेटी के नाम पर लाखों रुपए और कर्मचारियों का बेशकीमती समय बर्बाद किया है।

गौरतलब है की राज्य सरकार ने वेतन विसंगतियों के निराकरण के लिए 3 नवंबर 2017 को डी.सी. सामंत की अध्यक्षता में वेतन विसंगति निवारण समिति बनाई थी। जिसकी रिपोर्ट सरकार ने सार्वजनिक नहीं की। इसके बाद 5 अगस्त 2021 को खेमराज चौधरी की अध्यक्षता में वेतन विसंगति परीक्षण समिति बनाई। जिसकी रिपोर्ट सरकार ने 23 जनवरी 2025 को सार्वजनिक की है।

राठौड़ ने कहा कि खेमराज कमेटी की रिपोर्ट में जहां कर्मचारियों की वाजिव वेतन विसंगतियों की उपेक्षा की गई है, वहीं 9, 18 व 27 वर्ष की एसीपी के स्थान पर 8, 16, 24 व 32 वर्ष पर एसीपी देने के भाजपा सरकार के पूर्व निर्णय की भी क्रियान्वित्ती नहीं की है। इससे प्रदेश के सभी राज्य कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। रिपोर्ट बनाने में इतनी लापरवाही भारती गई है की प्रमुख मांगों का परीक्षण और वार्ता के लिए गए सभी संगठनों के नाम तक नहीं लिखे गए ।राठौड़ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कर्मचारियों की मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो कर्मचारी महासंघ प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा करेगा।

राठौड़ ने बताया की 7 और 8 फरवरी को विभागों में संपर्क सभाएं आयोजित की जाएंगी। राठौड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि बजट- 2025 में कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों के निराकरण के लिए एक उच्च स्तरीय मंत्रिमंडलीय समिति के गठन की घोषणा की जाए। जो कर्मचारी संगठनों से वार्ता कर वार्ता में ही आपसी सहमति से निर्णय कर त्वरित गति से वेतन विसंगतियों का निराकरण करे। इस दौरान सैकड़ो राज्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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