गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल पर राज्य स्तरीय नेटवर्किंग कार्यशाला का आयोजन

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जयपुर। ग्राम चेतना केंद्र और विप्रो केयर के तत्वाधान में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल पर राज्य स्तरीय नेटवर्किंग कार्यशाला का आयोजन जयपुर में किया गया है। जिसमें हेल्थ से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे। पब्लिक हेल्थ गवर्नमेंट ऑफ राजस्थान डायरेक्टर डॉ रवि प्रकाश माथुर ने कहा की सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने मे संस्थाओं की अहम भूमिका है। हम आपस मे सामंजस्य बैठकर लक्ष्य हासिल कर सकते है। अब सरकार बीमारी का इलाज करने के साथ-साथ इस चीज पर काम कर रही है की लोग बीमार ही न हो।

ग्राम चेतना केंद्र संस्था सचिव ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि इस राज्य स्तरीय नेटवर्किंग कार्यशाला का उद्देश्य यह है कि सरकार विभिन्न स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाएं मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर व गुणवत्तापूर्ण प्रयास करने के लिए यह कार्यशाला रखी गई। खास तौर पर शहरी क्षेत्र में स्लम क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस कार्यशाला में मुख्य रूप से जयपुर शहर के स्लम एरिया और पूरे राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर और पहुंच बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ यूनिसेफ के डॉ अनिल अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य की शुरुआत परिवार से होती है और बीमारी का मतलब स्वास्थ्य नहीं होता। मानसिक स्वास्थ्य भी स्वास्थ्य का ही भाग है। हम सबसे पहले गांव या गांव के एक छोटी सी ढाणी से शुरुआत करनी चाहिए। साथ ही सम्मान पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिले इसको सुनिश्चित करना चाहिए।

डॉ मनीषा चावला ने कहा कि राजस्थान में अभी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं की जरूरत है। जिससे हम राजस्थान के प्रत्येक व्यक्ति को पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दे सके। इसके अलावा सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति के पंचायत स्तरीय नौ संकल्प के बारे में जानकारी दें। जिसमें स्वास्थ्य भी एक प्रमुख रूप से रखा गया है। साथ ही लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।

डॉ अश्विन माथुर ने प्रशामक केयर पर बात करते हुए कहा कि जो व्यक्ति गंभीर बीमारियों से जूझ रहे है। जिनका इलाज नही है इसके द्वारा उनका दर्द व जीवन बढ़ा सकते है। संस्था समाज के अंतिम व्यक्ति व हॉस्पिटल के बीच एक अहम कड़ी है जो एक दूसरे को जोड़ती है।

जयपुर स्लम एरिया से आए हुए महिला समूह किशोरी समूह के प्रतिनिधियों ने अपने विचार के साथ ही स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को अवगत कराया गया। यह समूह आशा वाला बक्सा वाला ,गोविंदपुरा और मीणा पालड़ी क्षेत्र से था।

कार्यक्रम मैनेजर देबूजा चौधरी ने बताया कि समुदाय और सेवाएं के बीच की चुनौतियों को हल करने के लिए सिविल सोसाइटी का रोल आता है । साथ ही गठित विभिन्न स्वास्थ्य कमेटियों मजबूती देने की जरूरत है । जिससे स्वास्थ्य सेवाएं समुदाय और जिम्मेदारियां पूर्ण पहुंच पाए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं और समुदाय को जोड़ने का कार्य यह स्वास्थ्य संबंधित कमेटी आ कर सकती है । इन कमेटियों को भी मजबूत करने की जरूरत है। जिसे समुदाय में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बन सके।

संस्था अध्यक्ष जी एन शर्मा ने चर्चा के पैनल में राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर पहुंचकर रणनीति बनाई गई। जिससे मातृ मृत्यु शिशु मृत्यु दर में कमी लाना टीकाकरण दिवस को प्रभावी बनाना संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना वह योजनाओं तक पहुंच कर रणनीति बनाई गई।

डॉ रवि प्रकाश शर्मा ने कहा कि हम समुदाय स्तर पर गांव व शहर की समस्या अलग अलग हो सकती है लेकिन सरकारी की सेवा ही सभी के लिए हैं। अब हमें संयुक्त प्रयासों से इन्हें समुदाय स्तर पर सभी को मिले यह सुनिश्चित करना है।

अमित कुमार कार्यक्रम समन्वयक ने कहा कि विप्रो केयर रस से संचालित स्वास्थ्य परियोजना का मुख्य उद्देश्य यही है कि सम्मान पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का समुदाय तक पहुंच बनाना इसके लिए जयपुर शहर में 5 स्लम एरिया में कार्य कर रहे हैं। इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में जयपुर राजसमंद, टोंक, उदयपुर अजमेर झुंझुनू अलवर, दौसा, भरतपुर, चित्तोड़गढ, नागोर व सीकर से विभिन्न सिविल सोसाइटी समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला पब्लिक हेल्थ गोवर्नेमनेट ऑफ राजस्थान डायरेक्टर डॉ रवि प्रकाश माथुर,डॉ रवि प्रकाश शर्मा अतिरिक्त निदेशक रूरल हेल्थ, डॉ अनिल अग्रवाल स्वास्थ्य विशेषज्ञ यूनिसेफ जयपुर, डॉ निकिता,डॉ मनीषा चावला हेल्थ ऑफिसर यूनिसेफ, डॉ अश्विन माथुर सीनियर प्रोफेसर एंड हेड मेडिकल कॉलेज, एयू फाउंडेशन के पीयूष बराड़िया व आदिल इशरत, जी एन शर्मा संस्था अध्यक्ष ने शुभारंभ किया।

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