छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों ने राजनेताओं के कट-आउट के साथ किया प्रदर्शन

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Students demonstrated with cut-outs of politicians demanding student union elections
Students demonstrated with cut-outs of politicians demanding student union elections

जयपुर। जयपुर में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों ने राजस्थान यूनिवर्सिटी (आरयू) में बुधवार को अनोखा प्रदर्शन किया गया। जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समेत छात्र राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति में आने वाले राजनेताओं के कट-आउट के साथ छात्रों ने चुनाव बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। और यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार से रैली निकल कुलपति सचिवालय पहुंचे। जहां पुलिस और यूनिवर्सिटी कर्मचारियों से उनकी नोक-झोंक हो गई।

छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने कहा कि छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन में छात्र राजनीति से निकल मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक बनने वाले अशोक गहलोत, डॉक्टर सीपी जोशी, हनुमान बेनीवाल, सतीश पूनिया, गजेंद्र सिंह शेखावत, राजेंद्र राठौड़, अशोक लाहोटी, हरीश चौधरी, राजपाल सिंह शेखावत, कालीचरण सर्राफा, रामलाल शर्मा, प्रताप सिंह खाचरियावास, विकास चौधरी, महेंद्र चौधरी, रविंद्र सिंह भाटी, मनीष यादव, मुकेश भाकर, रामनिवास गवाड़िया, अभिमन्यु पूनिया ,रघु शर्मा और राजकुमार शर्मा के कट-आउट लेकर विरोध जताया है।

रेवाड़ ने कहा कि सरकार किसी भी योजना को तब बंद करती है। जब उसके नतीजे नहीं निकल रहे हो। प्रदेश सरकार ने यह माना था कि छात्र संघ चुनाव का कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। लेकिन आज हम राजस्थान के नेताओं के कट-आउट के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं, जो छात्र संघ चुनाव से निकले है।

आज भी अगर विधानसभा और संसद में युवाओं की कोई बात या मुद्दा आता है। तो यह सभी वह लोग हैं, जो हमारी मांग उठाते हैं। यह सभी लोग देश की दशा और दिशा दोनों में अपना अहम योगदान रखते हैं। इसलिए आज हम सभी लोग इन पूर्व छात्र नेताओं के जरिए सरकार से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।

शुभम ने कहा कि मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि अगर शरीर के किसी अंग में चोट लगती है, तो उसे अंग का इलाज किया जाता है, न कि पूरे शरीर का इलाज किया जाता है। ऐसे ही अगर छात्र संघ चुनाव को लेकर सरकार को किसी तरह की समस्या है, तो उन्हें उस समस्या का समाधान निकलना चाहिए।

आज हमने शांतिप्रिय तरीके से प्रदर्शन कर अपनी जायज मांग को यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। लेकिन अगर इसके बाद भी सरकार ने हमारी मांग को पूरा कर छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं किए। तो आने वाले वक्त में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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