सोलफुल कव्वाली फेस्टिवल में गुलाबी फिजा में गूंजे सूफियाना कलाम

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Sufiana Kalam resonates in the rosy atmosphere of the Soulful Qawwali Festival
Sufiana Kalam resonates in the rosy atmosphere of the Soulful Qawwali Festival

जयपुर। गुलाबी फिजा उस समय और भी मखमली हो उठी, जब सूफियाना कलामों की खुशबू ने दिलों की सरहदें मिटा दीं। सांप्रदायिक सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत कव्वाली की महफिल ने कला और आस्था की ऐसी मिठास घोली की हर स्वर प्रेम का संदेश बन गया। मौका रहा, मंगलवार को स्वागत जयपुर फाउंडेशन और नॉर्थ जो कल्चरल सेंटर पटियाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘सोलफुल कव्वाली फेस्टिवल’ के आगाज का।

जवाहर कला केंद्र के कृष्णायन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अजमेर दरगाह के शाही कव्वाल मोहम्मद मुबीन और कोटा के कव्वाल हिफ्ज़ुर्रहमान हाकिमी ने सूफियाना कलामों का गुलदस्ता सजाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। तबले व ढोलक की जुगलबंदी व हारमोनियम की सुरीली आवाज के साथ फनकारों ने सुफियाना अंदाज में खुदा की शान में कशीदे पढ़े और कौमी एकता का संदेश दिया।

राजस्थान के प्रसिद्ध कव्वाल मोहम्मद सिद्दीक की याद में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत में कोटा के कव्वाल हिफ्ज़ुर्रहमान हाकिमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हम्द ‘साहब जी इतना तो बता दो, कितने रूप तुम्हारे है’ पेश की। इसके बाद शायर अल्लामा इकबाल और मिर्जा गालिब के कलामों को अपने सुरों पर सजाकर श्रोताओं से तालियां बटोरीं।

उन्होंने हजरत अमीर खुसरो के कलाम ‘छाप तिलक सब छीनी मौसे नैना मिलाइके…’ और ‘दमादम मस्त कलंदर…’ को भी पेशकर समां बांधा। उनके साथ सह-गायन पर मो.अकबर, गुलाम फरीद और कोरस पर रफी उर रहमान, तबले पर अब्दुल हई और बैंजों पर मो.जुनैद व ढोलक पर सुल्तान ने संगत की।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में अजमेर दरगाह के शाही कव्वाल मोहम्मद मुबीन ने अपने चिरपरिचित अंदाज में आध्यात्मिक रचनाओं से श्रोताओं को अपने रंग में रंग लिया। उन्होंने शुरुआत में नात शरीफ ‘लुट गया मेरे दिल का खजिना सुन लो फरियाद…,’ पेश की।

इसके बाद कौल ‘मन कुंतो मौला…,’ और ख्वाजा साहब की शान में ‘कृपा करो महाराज…,’ आदि रचनाओं के जरिए सूफियाना गुलदस्ता सजाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। उनके साथ गायन पर मोहम्मद रफीक और इरफान अहमद ने साथ दिया। जबकि हिमांशु ने तबले पर और वारिस और सोहेल ने कोरस पर साथ दिया।

इससे पूर्व स्वागत जयपुर फाउंडेशन अध्यक्ष इकबाल खान नियाजी ने बताया कि इस मौके पर सभी कलाकारों का सम्मान किया गया। संचालन रहमान हरफनमौला का रहा। समारोह के तहत बुधवार को उस्ताद अनवार हुसैन नियाजी अपनी गायिकी के जरिए प्रेम, शांति और इंसानियत का संदेश देंगे।

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