सिनेमा,कला,संस्कृति और साहित्य के वैश्विक संगम अमोदिनी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की हुई शुरुआत

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The Amodini International Film Festival, a global confluence of cinema, art, culture, and literature, has begun.
The Amodini International Film Festival, a global confluence of cinema, art, culture, and literature, has begun.

जयपुर। डोला फाउंडेशन द्वारा वर्ल्ड हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अमोदिनी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 के भव्य आयोजन की शुरुआत शनिवार से जेएलएन मार्ग स्थित होटल क्लार्क्स आमेर में की गई। यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महोत्सव सिनेमा, कला, संस्कृति, स्वास्थ्य, प्रसन्नता और साहित्य को एक साझा मंच पर लाने का एक विशिष्ट एवं उद्देश्यपूर्ण प्रयास है।

आयोजक देवज्योति रे ने बताया कि इस फिल्म फेस्टिवल के अंतर्गत दोनों दिनों को मिलाकर 10 देशों से चयनित 16 उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें आज पहले दिन कुल 7 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया और कल 8 फिल्मों को दिखाया जाएगा।

ये फिल्में वैश्विक सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक विविधता को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती हैं। अमोदिनी फेस्टिवल 2025 केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि रचनात्मकता, स्वास्थ्य और मानवीय प्रसन्नता को जोड़ने वाली एक वैचारिक पहल है। यह महोत्सव यह संदेश देता है कि स्वस्थ और संवेदनशील समाज की नींव कला, संवाद और सांस्कृतिक चेतना से ही रखी जाती है।

उन्होंने आगे बताया कि आज अमोदिनी फेस्टिवल 2025 के पहले दिन सिनेमा, संगीत और नृत्य जगत की कई नामचीन हस्तियाँ शिरकत कर रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं— नेहा शर्मा (हॉलीवुड अभिनेत्री – राजस्थान), हरि विष्णु (बाहुबली एवं गजनी के सह-निर्माता), रक्तिमा मुखर्जी (बॉलीवुड पार्श्वगायिका), गीतांजलि आचार्य (ओडिसी नृत्यांगना), लुबोमीर जबांदा (रूसी संगीतकार), राहगीर (गायक), जॉय सेनगुप्ता (फिल्म अभिनेता), जया भट्टाचार्य (फिल्म एवं टेलीविजन अभिनेत्री) सहित अनेक प्रतिष्ठित कलाकार शामिल हैं। इनमें से कई कलाकारों को उनके द्वारा सिनेमा, कला, साहित्य के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए अमोदिनी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल पुरस्कार समारोह से भी नवाजा गया।

महोत्सव के दौरान रंगमंच और साहित्य को भी विशेष स्थान दिया गया है। इस सत्र में स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की विचारधारा और साहित्यिक विरासत पर विशेष विमर्श किया।

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