जयपुर। राज्य बजट में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (आईपीआर- टीटी) सेल के गठन की घोषणा निश्चित रूप से बेहद सराहनीय है। ये कहना है जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एंड सीएफओ सीए केके माहेश्वरी का। वे राज्य बजट पर चर्चा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। माहेश्वरी ने कहा कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन होने की स्थिति में प्रदेश के स्टूडेंट्स उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी द्वारा दी गई इस योजना के लिए सदैव उन्हें याद करेंगे।
दरअसल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स मानव बुद्धि से निर्मित मौलिक रचनाओं, जैसे आविष्कारों, साहित्यिक, कलात्मक कार्यों, प्रतीकों, नामों और डिज़ाइनों पर रचनाकार को मिलने वाला कानूनी अधिकार है। यह अधिकार रचनाकारों को उनके काम का अनाधिकृत उपयोग रोकने और उससे आर्थिक लाभ कमाने की सुरक्षा प्रदान करते हैं। ऐसे में प्रदेश में 50 शिक्षण संस्थानों में आईपीआर- टीटी सेल की स्थापना होने पर शिक्षण के क्षेत्र में गुणवत्ता के साथ ही पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, ट्रेड सीक्रेट जैसे जरूरी आयामों पर बेहतर कार्य हो सकेगा।
इसके अतिरिक्त बजट में प्रदेश में 30 करोड़ की लागत से टेक्नो हब बनाए जाने का प्रस्ताव भी निश्चित रूप से सरकार का सराहनीय कदम है। कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए शुरू किए जाने वाले ड्रीम प्रोग्राम की योजना हजारों स्टूडेंट्स के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बजट में युवाओं की शिक्षा एवं टेक्नोलॉजी से अपडेट करने के लिए लाई गई तमाम योजनाएं प्रशंसनीय है।




















