जयपुर। राजधानी जयपुर में पहली बार आर्मी एरिया से बाहर आयोजित हो रही सेना दिवस परेड–2026 को लेकर उत्साह चरम पर है। इसी कडी में शुक्रवार को जगतपुरा स्थित महल रोड पर हुई पहली फुल ड्रेस रिहर्सल में भारतीय सेना के साहस, पराक्रम और अनुशासन का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। यह रिहर्सल मातृशक्ति को समर्पित रही, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाएं, युवा, विद्यार्थी और आम नागरिक मौजूद रहे।
फुल ड्रेस रिहर्सल से पहले सेना के बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों ने माहौल को जोश और गर्व से भर दिया। इसके बाद अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित गैलेंट्री अवॉर्ड विजेता अधिकारियों ने परेड कमांडर को सलामी दी। उनके नेतृत्व में आर्मी बैंड और घुड़सवार टुकड़ियां अनुशासित कदमताल के साथ आगे बढ़ीं, जिसे देखकर दर्शकों ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।
रिहर्सल के दौरान भारतीय सेना की आधुनिक मिसाइलें, मशीनगन, टैंक और सैन्य वाहन आकर्षण का केंद्र रहे। ऑपरेशन सिंदूर की विशेष झांकी में ब्रह्मोस मिसाइल और अत्याधुनिक रोबोटिक डॉग्स का प्रदर्शन किया गया। हाई-रेजोल्यूशन कैमरों से लैस ये रोबोटिक डॉग्स आधुनिक युद्ध और निगरानी क्षमताओं का सशक्त उदाहरण बने।
एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल टुकड़ी ने दुश्मन के टैंकों को नष्ट करने की क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं, एंटी एयर मिसाइल सिस्टम, जो 155 राउंड फायर करने में सक्षम है और हेलिकॉप्टर से भी संचालित किया जा सकता है, ने अपनी मारक क्षमता दिखाई। इसके साथ ही चार हजार मीटर तक उड़ान भरने में सक्षम अत्याधुनिक ड्रोन ने आधुनिक युद्ध तकनीक की झलक पेश की।
सेना दिवस परेड में पहली बार भैरव बटालियन ने अपनी आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया। जनवरी 2026 में गठित यह नई स्पेशल फोर्स ड्रोन आधारित ऑपरेशंस के लिए तैयार की गई है, जिसमें एक लाख से अधिक प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर शामिल हैं। यह यूनिट हाइब्रिड और मल्टी-डोमेन चुनौतियों से निपटने में सक्षम मानी जा रही है।
ऑल-टेरेन व्हीकल्स ने पानी, रेगिस्तान और पथरीले इलाकों में संचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। इन वाहनों का उपयोग सैन्य अभियानों के साथ-साथ आपदा राहत तथा खोज एवं बचाव कार्यों में भी किया जाता है। रिहर्सल में मॉड्यूलर ब्रिज के जरिए कम समय में मार्ग निर्माण की क्षमता को भी दर्शाया गया।
फुल ड्रेस रिहर्सल में मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पीपराई, कोम्बई और राजपालयम जैसी स्वदेशी नस्लों के डॉग्स ने अभ्यास किया। विशेष रूप से चश्मा पहने मुधोल हाउंड ने अपनी फुर्ती से दर्शकों को चकित किया। इसके अलावा सेना के जवानों ने मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब दिखाए। पिरामिड निर्माण, एक टायर पर बाइक दौड़ाना और अशोक स्तंभ व कमल जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का प्रदर्शन कर जवानों ने दर्शकों को रोमांचित किया।
सेना दिवस परेड के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। महिला और दिव्यांग दर्शकों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है।
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम के तहत 11 और 13 जनवरी को दूसरी व तीसरी फुल ड्रेस रिहर्सल होगी, जबकि 15 जनवरी को सेना दिवस की मुख्य परेड आयोजित की जाएगी। इस परेड में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर्स की फ्लाई-पास्ट टुकड़ियों का मार्च, मिसाइल व टैंकों, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। परेड में नेपाल आर्मी बैंड भी हिस्सा लेगा। वहीं आर्मी परेड के अवसर पर एसएमएस स्टेडियम में 15 जनवरी को शौर्य संध्या 2026 का आयोजन किया जाएगा।
इससे पहले 10 जनवरी को इस आयोजन का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। इस दौरान फर्स्ट डे कवर का विमोचन, शहीदों के परिजनों का सम्मान, परंपरागत युद्ध कलाओं के प्रदर्शन के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर का भव्य लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के साथ 1000 ड्रोन्स का शो भी होगा। वहीं 12 जनवरी 2026 तक ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का आयोजन सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में किया जा रहा है।
प्रदर्शनी के दौरान आम नागरिकों को सेना की आधुनिक हथियार प्रणालियों और रक्षा तकनीक को नज़दीक से देखने का अवसर मिल रहा है। यह आयोजन भारतीय सेना और नागरिकों के बीच विश्वास, जुड़ाव और सम्मान के रिश्ते को और मजबूत करेगा। दिल्ली से बाहर सेना दिवस परेड की मेजबानी करने वाला जयपुर, बेंगलुरु, लखनऊ और पुणे के बाद देश का चौथा शहर है। सेना दिवस परेड को आमजन से जोड़ने का यह प्रयास राष्ट्रभक्ति और नागरिक–सैन्य समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।




















