
जयपुर। लोक सभा के मानसून सत्र में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने नियम 377 के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों पर परिवहन विभाग के उड़न दस्तों की ओर से चेकिंग के नाम पर अचानक वाहनों को रुकवाने से हो रहे हादसों से जुड़ा मुद्दा उठाया था।
बेनीवाल ने कहा कि सड़को पर जिस तरह आरटीओ के उड़न दस्ते वाहन चालकों को, खास तौर पर ट्रकों को चेकिंग के नाम पर परेशान करते हैं। वो किसी से छुपा हुआ नहीं है। यह उड़न दस्ते जहां मर्जी हो वहां वाहनों को रोक देते हैं और आकस्मिक रूप से किसी भी वाहन को रुकवाने पर दुर्घटना होने की संभावना ज्यादा होती है और सैकड़ों दुर्घटनाएं हो भी चुकी है। चूंकि रोड सेफ्टी के अनुसार किसी भी वाहन को आकस्मिक रोकना दुर्घटना को निमंत्रण देना है।
हमारे राजस्थान में परिवहन विभाग के 50 से अधिक गार्डों / अधिकारियों की मृत्यु भी ऐसे अचानक वाहनों को रुकवाने से हुई है । वहीं विभिन्न हादसों का जिक्र भी सांसद ने किया और वाहनों की चेकिंग के लिए वशिष्ठ एसओपी बनाने की मांग की। जिस पर भारत सरकार के सड़क,परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने सांसद को पत्र भेजकर बताया कि भारत सरकार ने इस संदर्भ में राजस्थान सरकार के परिवहन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।



















