जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र राणा के नेतृत्व में मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन से मृतक बीएलओ मुकेश जांगिड़ सहित पूरे राज्य में अधिकारियों के असंवैधानिक प्रताड़ना पूर्ण दुर्व्यवहार एवं कार्य की अधिकता से बीएलओ कार्य में लगे शिक्षकों के अवसाद ग्रस्त तथा बीमार होने को लेकर मिला अफसरशाही के विरोध में मिला।
जिस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि बीएलओ कार्य में किसी भी कर्मचारी को अधिकारी का प्रशासनिक प्रताड़ना पूर्ण धमकी देने का कोई अधिकार नहीं है। जो भी अधिकारी ऐसे हरकत करता है तो उसके लिए वो निजी तौर पर स्वयं जिम्मेदार होगा। यदि किसी भी अधिकारी के विरुद्ध कोई भी प्रमाणित शिकायत मिली तो उसके विरुद्ध होने वाली कार्यवाही के लिए वो स्वयं जिम्मेदार होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि वीसी से पूरे राज्य के एसआईआर कार्य से जुड़े अधिकारियों,एवं कर्मचारियों से भी संवाद स्थापित कर उक्त संबंध में आवश्यक राहत योग्य निर्देश जारी किए गए हैं। किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध कोई असंवेदन शील व्यवहार नहीं हो ऐसा उनकी प्राथमिकता रहेगी। साथ ही बीएलओ कार्य अधिकता के दृष्टिगत डिजिटलाइजेशन एवं फील्ड कार्य में आवश्यकता अनुसार सहयोगी कर्मचारियों की वृद्धि के भी निर्देश दिए दिए गए हैं।
मृतक कार्मिक को आर्थिक सहायता व दोषी अधिकारियों के विरुद्ध जांच रिपोर्ट अनुसार कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के द्वारा अभियान की समय सीमा निर्धारित की गई है। जिस पर आवश्यकता अनुसार निर्णय लिया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में महासंघ संरक्षक सियाराम शर्मा, मोहन लाल एचारा, दयानंद सोनी , मदन लाल , सतीश गुप्ता इत्यादि पदाधिकारी शामिल थे।




















