भक्ति भाव से मनाया जैन धर्म के प्रवर्तक व प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का गर्भ कल्याणक

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The Garbha Kalyanak of the founder of Jainism and the first Tirthankara Bhagwan Adinath was celebrated with devotion
The Garbha Kalyanak of the founder of Jainism and the first Tirthankara Bhagwan Adinath was celebrated with devotion

जयपुर। जैन धर्म के प्रवर्तक व प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का गर्भ कल्याण शुक्रवार को भक्तिभाव से मनाया गया। इस अवसर पर शहर भर के विभिन्न दिगम्बर जैन मंदिरों में पूजा-अर्चना के विशेष आयोजन संपन्न हुए।

इस मौके पर राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि शुक्रवार को प्रात मंदिरों में मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक,शांतिधारा की गई। जिसके पश्चात भगवान आदिनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई।

पूजा के दौरान गर्भ कल्याणक श्लोक का उच्चारण करते हुए भगवान आदिनाथ के जयकारों के साथ अर्घ्य चढाया गया और महाआरती के बाद धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत जगतपुरा रोड स्थित शांतिनाथ जी की खोह स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र में भगवान आदिनाथ का गर्भ कल्याण महोत्सव मनाया गया।

इस मौके पर 26 अगस्त 2015 को पहाड़ी की तलहटी में भू गर्भ से अवतरित एक हजार से भी अधिक प्राचीन भगवान आदिनाथ की भव्य प्रतिमा के मंत्रोच्चार से अभिषेक के बाद विश्व सुख,शांति,समृद्धि की कामना करते हुए शांतिधारा की गई। जिसके तत्पश्चात अष्ट द्रव्य से पूजा अर्चना कर पूजा के दौरान गर्भ कल्याणक अर्घ्य चढाया गया। महाआरती के बाद समापन हुआ। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान आदिनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

यहा भी हुई विशेष पूजा-अर्चना

आगरा रोड स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चूलगिरी, आचार्यों का रास्ता स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर सिरमोरियान,मनिहारों का रास्ता स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर बड़ा दीवान जी, सांगानेर के संघीजी दिगम्बर जैन मंदिर, एस एफ एस दिगम्बर जैन मंदिर, मीरा मार्ग दिगंबर जैन मंदिर, तारों की कूट पर सूर्य नगर स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सहित कई मंदिरों में विशेष आयोजन किए गए ।

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