जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) जयपुर ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वर्ण जयंती महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को विधिवत पूजा-हवन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं सम्मान समारोह के साथ किया।
इस अवसर पर संस्थान के सभागार भवन में आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के आयुष सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा, कुलपति प्रो. संजीव शर्मा, संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. बनवारी लाल गौड़, प्रो. महेश चंद्र शर्मा, प्रो. अजय शर्मा, प्रो. महेंद्र सिंह मीणा, प्रो. के. शंकर राव संस्थान के संयुक्त निदेशक जे.पी.शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक,अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आयुष सचिव भारत सरकार पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान एवं चिकित्सा सेवाओं का एक अग्रणी केंद्र है। संस्थान ने विगत पांच दशकों में आयुर्वेद को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आयुर्वेद आधारित नवाचार और अनुसंधान आमजन के बेहतर स्वास्थ्य में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
इस दौरान आयुष सचिव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आमजन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में की गई बजट घोषणा में तीन राष्ट्रीय स्तर के नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा की गई है। साथ ही देश-विदेश में आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से आमजन को लाभान्वित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।
कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि एनआईए की 50 वर्षों की यात्रा समर्पण, अनुसंधान और सेवा भाव की एक प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने संस्थान के सतत विकास एवं प्रगति में निरंतर सहयोग के लिए आयुष मंत्रालय, भारत सरकार तथा आयुष सचिव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने जानकारी दी कि 9 फरवरी 2026 को आयोजित मुख्य स्वर्ण जयंती समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत सरकार के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव करेंगे।




















